
उत्तर प्रदेश सरकार ने RTE (शिक्षा का अधिकार) के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों के मुफ्त एडमिशन के लिए नए नियम जारी कर दिए हैं। अब प्री-प्राइमरी और कक्षा 1 में प्रवेश के लिए बच्चे का आधार कार्ड होना अनिवार्य नहीं है, बल्कि माता या पिता के आधार नंबर से ही काम चल जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे अभिभावकों को काफी राहत मिलेगी। शासन जल्द ही एडमिशन का पूरा शेड्यूल जारी करेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे बड़े निजी स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई कर सकेंगे।
यूपी में फ्री पढ़ाई के साथ मिलेंगे 5000 रुपये
उत्तर प्रदेश सरकार के नए शासनादेश के अनुसार, RTE के तहत आवेदन करते समय अब माता-पिता को अपना आधार नंबर देना होगा। साथ ही, सरकारी वित्तीय सहायता पाने के लिए एक ऐसा बैंक खाता देना अनिवार्य है जो आधार से लिंक हो। योजना के तहत चयनित हर छात्र को स्कूल की यूनिफॉर्म, किताबें और अभ्यास पुस्तिकाएं खरीदने के लिए 5000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह पैसा सीधे अभिभावक के बैंक खाते में भेजा जाएगा ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
वार्ड के 10 स्कूलों का मिलेगा विकल्प, लॉटरी से तय होगा आपके बच्चे का स्कूल
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, अब अभिभावक अपने ग्राम पंचायत या वार्ड के आधार पर आसपास के 10 स्कूलों को अपनी पसंद के अनुसार चुन सकेंगे। दाखिले की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन लॉटरी का सहारा लिया जाएगा, जिसकी निगरानी खुद जिलाधिकारी (DM) करेंगे। यदि आपके बच्चे को पहले राउंड में सीट नहीं मिलती है, तो आप अगले चरण में फिर से आवेदन कर सकते हैं। चयन होने पर आपको SMS के जरिए सूचना दी जाएगी और बाद में केवल दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन (Offline Verification) होगा।
स्कूल नहीं कर पाएंगे मनमानी
उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि RTE के तहत आवंटित किसी भी छात्र को प्राइवेट स्कूल दाखिला देने से मना नहीं कर सकते। यदि कोई स्कूल प्रवेश नहीं देता है, तो उसे पोर्टल पर इसका ठोस कारण बताना होगा। शासन हर छात्र के बदले स्कूल को 450 रुपये प्रति माह की फीस प्रतिपूर्ति करेगा, इसलिए स्कूल बच्चों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं मांग पाएंगे। साथ ही, इन बच्चों को स्कूल में किसी भी तरह के भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें अन्य छात्रों के साथ ही बिठाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नर्सरी से कक्षा 1 तक के लिए उम्र की नई लिस्ट जारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने RTE के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए आयु सीमा (Age Limit) के सख्त मानक तय कर दिए हैं। नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र 3 से 4 साल के बीच होनी चाहिए, जबकि एलकेजी (LKG) के लिए 4 से 5 साल और यूकेजी (UKG) के लिए 5 से 6 साल तय की गई है।
वहीं, कक्षा एक में प्रवेश पाने के लिए बच्चे की उम्र कम से कम 6 साल और अधिकतम 7 साल से कम होनी चाहिए। आवेदन करने से पहले अभिभावकों को इन आयु मानकों का ध्यान रखना होगा, ताकि ऑनलाइन आवेदन के समय कोई समस्या न आए।









