
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार है। हर साल लाखों अभ्यर्थी घर-बार छोड़कर दिल्ली, प्रयागराज या वाराणसी रुख करते हैं, लेकिन सफलता चुनिंदा ही हासिल करती है। ऐसे में यूपी की 3 यूनिवर्सिटीज- इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) और लखनऊ यूनिवर्सिटी- UPSC का गढ़ कहलाती हैं। यहां का अकादमिक माहौल, सीनियर गाइडेंस और सिविल सेवा संस्कृति इन्हें IAS फैक्ट्री बनाती है। 2023-26 के डेटा से इनसे सैकड़ों IAS/PCS अधिकारी निकले। आइए जानें क्यों?
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी
प्रयागराज की इलाहाबाद यूनिवर्सिटी को ‘पूर्व का ऑक्सफोर्ड’ और ‘IAS का गढ़’ कहा जाता है। ग्रेजुएशन-मास्टर्स के अधिकतर छात्र UPSC तैयारी में डूबे रहते हैं- सुबह हॉस्टल में करेंट अफेयर्स डिबेट, शाम को राइटिंग प्रैक्टिस। आर्ट्स फैकल्टी मजबूत, सीनियर-जूनियर नेटवर्किंग से टेस्ट सीरीज और इंटरव्यू टिप्स फ्री मिलते हैं। 2024 टॉपर शक्ति दूबे ने यहां बायोकेमिस्ट्री में गोल्ड मेडल हासिल किया। 2023 में 50+ छात्र PCS-IAS बने। संगम नगरी का शांत वातावरण फोकस बढ़ाता है।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU)
वाराणसी की BHU UPSC ऑप्शनल सब्जेक्ट्स- हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी- में उत्कृष्ट है। काशी के आध्यात्मिक माहौल में विविध छात्रावास IAS कल्चर रचे हैं। सीनियर्स ग्रुप स्टडी आयोजित करते हैं, लाइब्रेरी में 24×7 पढ़ाई। कई टॉपर्स यहां से निकले, जैसे 2023 के हाई रैंकर्स। QS रैंकिंग में मजबूत BHU यूपीएससी के अलावा PCS, IFS में भी लीडर। गंगा स्नान के बाद पढ़ाई का जज्बा अनोखा।
लखनऊ यूनिवर्सिटी
राजधानी लखनऊ की यूनिवर्सिटी आर्ट्स-ह्यूमैनिटीज में बेस्ट। प्रैक्टिकल एप्रोच, लोकल कोचिंग (जैसे खान सर पैटर्न) से जुड़ाव इसे पॉपुलर बनाता। यूपीपीएससी के लिए आदर्श, 2023 में दर्जनों सिलेक्शन। आईआईटी कानपुर भी नजदीक होने से इंजीनियर्स आकर्षित। नवाबी ठाठ और आधुनिक क्लासरूम्स तैयारी को मजेदार बनाते।
क्यों हैं ये गढ़?
ये यूनिवर्सिटीज कम फीस, हॉस्टल सुविधा और UPSC-केंद्रित कोर्सेस से ग्रामीण-शहरी छात्रों को मौका देती हैं। हालांकि दिल्ली के कोचिंग सेंटरों से कॉम्पिटिशन कड़ा, लेकिन यहां का कम्युनिटी सपोर्ट जीत दिलाता। 2026 UPSC के लिए ये जगहें लाखों एस्पिरेंट्स बुला रही हैं। यूपी सरकार स्कॉलरशिप्स बढ़ा रही। भारत के IAS पूल में यूपी का योगदान 20%+ है।









