
बरेली जिले में पीएम किसान सम्मान निधि के सत्यापन के दौरान भारी गड़बड़ी सामने आई है। जांच में पता चला है कि 5,684 लोग ऐसे हैं जो अपने मृतक पिता के खाते में आने वाली निधि भी लेते रहे और खुद भी अलग से लाभार्थी बनकर डबल पैसे वसूलते रहे। इतना ही नहीं, जिले में 12,430 ऐसे मामले मिले हैं जहाँ पति-पत्नी दोनों ही नियम विरुद्ध तरीके से इस योजना का लाभ ले रहे थे। साथ ही, 542 नाबालिगों के बैंक खातों में भी गलत तरीके से निधि पहुँच रही थी। विभाग अब इन सभी अपात्र लोगों से अवैध रूप से ली गई राशि की वसूली करने की तैयारी कर रहा है।
बरेली में 42 हजार से अधिक किसानों की रुकी किस्त, अब शुरू होगी वसूली
बरेली जिले में पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे लाभार्थियों की जब आधार कार्ड के जरिए जांच हुई, तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई। जिले के कुल 5.45 लाख लाभार्थियों में से 42,662 लोगों को अपात्र पाया गया है, जिसके बाद शासन ने तत्काल प्रभाव से उनकी अगली किस्तों पर रोक लगा दी है। कृषि विभाग ने इन सभी संदिग्ध नामों का सत्यापन पूरा कर लिया है। अब विभाग न केवल इन अपात्रों को सूची से बाहर कर रहा है, बल्कि नियम विरुद्ध तरीके से हासिल की गई पिछली सभी किस्तों की रिकवरी (वसूली) करने की भी तैयारी कर रहा है।
पति-पत्नी दोनों ले रहे थे किसान निधि? अब एक की किस्त बंद
बरेली में उप कृषि निदेशक की देखरेख में हुई तहसीलवार जांच में एक बड़ी धोखाधड़ी सामने आई है। नियमों के विरुद्ध जिले के 12,430 ऐसे परिवार मिले हैं, जहाँ पति और पत्नी दोनों अलग-अलग पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ उठा रहे थे। विभाग ने इनमें से अधिकांश का सत्यापन पूरा कर लिया है और अब दोनों की किस्तों पर रोक लगा दी गई है। नियम के अनुसार, एक परिवार में केवल एक ही व्यक्ति इस निधि का हकदार है। अब विभाग इन अपात्र जोड़ों से अब तक ली गई दोहरी राशि की रिकवरी करने जा रहा है, और भविष्य में केवल पात्र सदस्य को ही लाभ मिल सकेगा।
पीएम किसान निधि में धांधली
बरेली में पीएम किसान निधि के सत्यापन में फर्जीवाड़े की परतें खुलती जा रही हैं। विभाग ने अब रिकवरी का नया फॉर्मूला तय किया है—यदि किसी परिवार में पति-पत्नी दोनों ने दो साल तक गलत तरीके से पैसा लिया है, तो अगले दो साल तक उनकी किस्तें रोककर उस राशि की भरपाई की जाएगी।
जांच में यह भी सामने आया है कि 5,684 लोग पिता की मृत्यु के बाद भी उनके खाते में पैसा मंगा रहे थे और खुद भी नया लाभार्थी बनकर डबल लाभ ले रहे थे। इसके अलावा, 542 नाबालिगों और 6,000 से अधिक ऐसे लोगों को भी चिह्नित किया गया है जो एक ही जमीन पर खरीदार और विक्रेता दोनों बनकर पैसे ऐंठ रहे थे।
42 हजार से ज्यादा किसान अपात्र घोषित
बरेली जिले में पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर चल रही बड़ी जांच अब अंतिम चरण में है। सत्यापन के बाद जिले में लाभार्थियों की संख्या 5,45,404 से घटकर 5,02,742 रह गई है। यानी करीब 42,662 फर्जी या अपात्र लाभार्थियों को सूची से बाहर कर दिया गया है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन लोगों ने गलत तरीके से पैसा लिया है, उनसे पूरी रिकवरी (वसूली) की जाएगी। इसके साथ ही, अब भविष्य में होने वाली धांधली को रोकने के लिए सभी पात्र किसानों की ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अनिवार्य कर दी गई है। यह प्रक्रिया पूरी होने और क्लीन चिट मिलने के बाद ही किसानों के खाते में अगली किस्त भेजी जाएगी।









