
फतेहपुर की नई नवेली दुल्हनों के लिए अब राशन कार्ड में नाम जुड़वाना बेहद आसान हो गया है। पहले मायके से ससुराल आने के बाद नाम दर्ज कराने में महीनों लग जाते थे और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। अब दुल्हन को बस पास के किसी भी जनसेवा केंद्र (CSC) पर जाकर एक ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। फॉर्म जमा होते ही पूरी जानकारी सीधे पूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) के पास पहुँच जाएगी और बिना किसी भागदौड़ के ससुराल के राशन कार्ड में नाम जुड़ जाएगा।
राशन कार्ड ट्रांसफर अब हुआ आसान
फतेहपुर जिले के करीब 5.26 लाख राशन कार्ड धारकों के लिए राहत भरी खबर है। अब दूसरे जिले से शादी होकर आई महिलाओं को अपना राशन कार्ड ट्रांसफर कराने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत, दुल्हन को बस अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और ससुराल का पता देकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
जैसे ही ससुराल के कार्ड में नाम जुड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी, मायके के कार्ड से नाम अपने आप (Auto-delete) कट जाएगा। जिले की कई महिलाओं ने इस नई सुविधा का लाभ उठाना शुरू भी कर दिया है, जिससे उन्हें हर महीने मिलने वाले मुफ्त गेहूं और चावल का लाभ ससुराल में ही मिलने लगेगा।
राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए न हों परेशान, घर बैठे करें आवेदन
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और विभाग के वरिष्ठ लिपिक ने नई दुल्हनों और उनके परिवारों के लिए जरूरी जानकारी साझा की है। अब राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने या किसी को पैसे देने की जरूरत नहीं है।
जिले के सभी कोटेदारों (उचित दर विक्रेताओं) को निर्देश दिए गए हैं कि वे लोगों को जागरूक करें कि यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। पात्र लोग बस पास के जनसुविधा केंद्र (CSC) जाकर अपना आवेदन कर सकते हैं। डिजिटल सिस्टम के जरिए दुल्हन का नाम सीधे ससुराल के राशन कार्ड में जुड़ जाएगा, जिससे उन्हें सरकारी राशन मिलना आसान हो जाएगा।
अब तक 384 दुल्हनों ने उठाया ऑनलाइन सुविधा का लाभ
नवविवाहित महिलाओं के लिए ससुराल के राशन कार्ड में नाम दर्ज कराना अब सिरदर्द नहीं रहा। सरकार की नई डिजिटल पहल के तहत, अब मायके के कार्ड से नाम कटवाने और ससुराल में जुड़वाने की पूरी प्रक्रिया एक ही ऑनलाइन फॉर्म से पूरी हो जाती है।
आपको बस किसी भी जनसुविधा केंद्र पर जाकर आवेदन करना है। इस नई व्यवस्था की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 384 महिलाएं घर बैठे पोर्टल के जरिए अपना नाम जुड़वा चुकी हैं। यह सिस्टम न केवल समय बचाता है, बल्कि कागजी कार्रवाई की लंबी झंझट को भी खत्म करता है।









