
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण (YEIDA) ने ‘नए आगरा’ को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में अपनी रफ्तार बढ़ा दी है। इस शहर के भविष्य के खाके यानी ‘मास्टर प्लान’ को तकनीकी परीक्षण के लिए दिल्ली के प्रसिद्ध स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) भेजा गया है। संस्थान से एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट और सुधार के सुझाव देने को कहा गया है। इन विशेषज्ञों के सुझावों को शामिल करने के बाद मास्टर प्लान को अंतिम मंजूरी दी जाएगी, जिससे इस नए शहर के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
12,200 हेक्टेयर में बसेगा सपनों का शहर, लाखों को मिलेगा रोजगार
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण (YEIDA) की योजना के अनुसार, आगरा जिले के 58 गांवों की जमीन पर ‘न्यू आगरा अर्बन सेंटर’ विकसित किया जाएगा। लगभग 12,200 हेक्टेयर में फैले इस आधुनिक शहर को 14.6 लाख लोगों की आबादी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
प्राधिकरण का मुख्य फोकस यहां प्रदूषण मुक्त उद्योगों और पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिससे क्षेत्र में करीब 8.5 लाख रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। बोर्ड और प्रदेश सरकार की अंतिम मुहर लगते ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा, जिसमें ग्रीन बेल्ट और विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
चंडीगढ़ की तर्ज पर बसेगा ‘न्यू आगरा’
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, न्यू आगरा का नियोजन देश के सबसे व्यवस्थित शहर चंडीगढ़ से प्रेरित होगा। इस आधुनिक शहर के मास्टर प्लान में आवासीय सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके लिए 2,501 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। यह पूरे विकसित क्षेत्र का लगभग 27.7 प्रतिशत हिस्सा है। इस सुनियोजित आवासीय जोन में 14.6 लाख लोगों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं, जैसे चौड़ी सड़कें, पार्क और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किए जाएंगे, ताकि यहाँ रहने वालों को चंडीगढ़ जैसी गुणवत्तापूर्ण जीवनशैली मिल सके।
प्रदूषण मुक्त उद्योगों और व्यापार का नया केंद्र, 1800+ हेक्टेयर में लगेगा उद्योगों का अंबार
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने नए आगरा को भविष्य का औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र बनाने का खाका तैयार किया है। शहर को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए यहाँ भारी उद्योगों के बजाय मैन्युफैक्चरिंग, कृषि आधारित उद्योग, आईटी और आईटीईएस (IT & ITES) सेक्टर को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके लिए 1,813 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है। साथ ही, 340 हेक्टेयर में एक विशाल व्यापारिक क्षेत्र (Commercial Zone) विकसित किया जाएगा, जिसमें आधुनिक कार्यालय, रिटेल आउटलेट्स और बिजनेस सेंटर होंगे। इसके अलावा, 447 हेक्टेयर क्षेत्र ‘मिश्रित उपयोग’ (Mixed Use) के लिए रखा गया है, जहाँ ऑफिस और रिहाइश दोनों की सुविधा होगी।
इको-फ्रेंडली होगा ‘न्यू आगरा’
यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, आगरा एक विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है। इसलिए, ‘न्यू आगरा’ के विकास के दौरान इस बात का खास ख्याल रखा जाएगा कि यहाँ की ऐतिहासिक इमारतों और प्राकृतिक संतुलन पर कोई आंच न आए। शहर की प्लानिंग को आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए ही इसका परीक्षण दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) से कराया जा रहा है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर ही निर्माण कार्य की रूपरेखा तय की जाएगी, ताकि विकास और संरक्षण दोनों साथ-साथ चल सकें।









