
उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने का इंतज़ार थोड़ा और बढ़ गया है। शासन ने यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कुछ नए मानकों को लागू करने का फैसला किया है, जिसकी वजह से अब इसका उद्घाटन दो महीने की देरी से होगा। नई योजना के अनुसार, अप्रैल के अंत में प्रधानमंत्री इस एक्सप्रेसवे का शुभारंभ कर सकते हैं। एक और अच्छी खबर यह है कि मुख्य एक्सप्रेसवे चालू होने से पहले ही इसे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे का काम भी शुरू कर दिया जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी।
जेवर एयरपोर्ट से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे, जमीन चिन्हित करने का काम शुरू
गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए हापुड़ और बुलंदशहर जिला प्रशासन ने जमीन की पहचान (चिन्हीकरण) का काम शुरू कर दिया है। यह नया लिंक रोड हापुड़ के सदरपुर से शुरू होकर स्याना और बुलंदशहर होते हुए सीधे एयरपोर्ट तक जाएगा। खास बात यह है कि यह मार्ग बुलंदशहर के सिकंदराबाद और खुर्जा के बीच यमुना एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा, जिससे सफर काफी आसान हो जाएगा। वर्तमान में गंगा एक्सप्रेसवे का 594 किलोमीटर लंबा मुख्य हिस्सा बनकर लगभग तैयार हो चुका है।
मार्च से शुरू होगा शिलान्यास का काम
यूपीडा (UPEIDA) द्वारा निर्मित प्रदेश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अब अन्य प्रमुख हाईवे से जुड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। मेरठ से प्रयागराज तक के पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सरकार की योजना के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे को अन्य एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक रोड्स का काम वैसे तो अक्टूबर से शुरू होना है, लेकिन जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को प्राथमिकता दी जा रही है। इस विशेष लिंक मार्ग का काम मार्च 2026 से ही शुरू करने की तैयारी है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रधानमंत्री जब गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करें, तभी इस नए जेवर लिंक रोड का शिलान्यास भी कर दिया जाए।
पुष्पावती पूठ से होगा गंगा एक्सप्रेसवे का आगाज़, PM मोदी करेंगे रोड शो
गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की भव्य तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हापुड़ के पुष्पावती पूठ नामक स्थान से करेंगे, जहाँ वे एक्सप्रेसवे पर कार से भ्रमण कर इसकी गुणवत्ता का जायजा भी लेंगे। खास बात यह है कि इसी स्थान से मात्र 8 किलोमीटर की दूरी से ‘जेवर लिंक एक्सप्रेसवे’ को निकाला जाएगा। शासन की योजना के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ ही अन्य सभी कनेक्टिंग लिंक एक्सप्रेसवे का शिलान्यास भी अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रदेश का आवागमन पूरी तरह बदल जाएगा।
एक-दूसरे से जुड़ेंगे यूपी के सभी बड़े हाईवे
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के बुनियादी ढांचे को एक नई ऊँचाई पर ले जाने की तैयारी कर रही है। गंगा एक्सप्रेसवे के साथ-साथ कई नए ‘लिंक एक्सप्रेसवे’ बनाने की योजना है, जिससे राज्य के सभी प्रमुख हाईवे आपस में जुड़ जाएंगे। इस योजना में विंध्य, मेरठ-हरिद्वार, चित्रकूट-रीवा और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। साथ ही, फर्रुखाबाद लिंक रोड के जरिए गंगा एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इन लिंक मार्गों के निर्माण से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि व्यापार और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
अब अप्रैल में होगा गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने का इंतज़ार कर रहे लोगों के लिए नया अपडेट आया है। अब इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अप्रैल में किया जाएगा। देरी की मुख्य वजह सुरक्षा मानकों को और अधिक पुख्ता करना है। शासन ने निर्णय लिया है कि एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित गांवों के पास पक्की चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) का निर्माण किया जाएगा ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। यह सुरक्षा कार्य पूरा होने के बाद ही इसे जनता के लिए खोला जाएगा। इसी बीच, जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन चिन्हित करने का काम भी युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।









