
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा की ओर प्रोत्साहित करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत योग्य बेटियों को मुफ्त स्कूटी प्रदान की जाएगी, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राएं कॉलेज तक आसानी से पहुंच सकेंगी। 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके पहले चरण में एक लाख छात्राओं को लाभ मिलेगा। यह योजना न केवल बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ाएगी, बल्कि ड्रॉपआउट दर को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “रानी लक्ष्मीबाई की वीरता से प्रेरित यह योजना उत्तर प्रदेश की बेटियों को सशक्त बनाने का संकल्प है। ग्रामीण इलाकों में परिवहन की कमी के कारण कई प्रतिभाएं शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। हमारा लक्ष्य हर योग्य छात्रा को सवारी उपलब्ध कराकर उनकी पढ़ाई को गति देना है।” योजना का शुभारंभ हाल ही में राज्य बजट के दौरान हुआ, और अब आधिकारिक आवेदन प्रक्रिया की घोषणा का इंतजार है। पारदर्शी चयन प्रक्रिया के तहत मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी, जिसमें जिला स्तर पर वितरण कार्यक्रम आयोजित होंगे।
कौन ले सकती हैं योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए। इंटरमीडिएट (12वीं) में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली मेधावी छात्राएं, जो स्नातक प्रथम वर्ष या उच्चतर कोर्स में दाखिला ले चुकी हों, पात्र होंगी। परिवार की वार्षिक आय सीमा 2.5 लाख रुपये से कम रखी गई है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियां प्राथमिकता पाएं। ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को विशेष प्राथमिकता मिलेगी, लेकिन सरकारी या मान्यता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ने वाली कोई भी छात्रा आवेदन कर सकती है।
एक परिवार से केवल एक बेटी ही लाभ ले सकेगी, और पहले किसी अन्य स्कूटी योजना का लाभ न ले चुकी होनी चाहिए। एससी/एसटी या अन्य आरक्षित वर्ग की छात्राओं के लिए अतिरिक्त छूट की संभावना है। यह मानदंड सुनिश्चित करेंगे कि वास्तविक जरूरतमंद छात्राओं तक योजना पहुंचे। उदाहरण के लिए, पूर्वांचल या बुंदेलखंड जैसे दूरदराज इलाकों की छात्राएं, जहां सार्वजनिक परिवहन सीमित है, सबसे अधिक लाभान्वित होंगी।
आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया
आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, 12वीं की मार्कशीट, जाति/आय प्रमाण पत्र (यदि लागू), कॉलेज फीस रसीद, बैंक खाता विवरण, पासपोर्ट साइज फोटो, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर अनिवार्य हैं। ये दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करने होंगे।
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा। छात्राओं को उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट scholarship.up.gov.in या संबंधित पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। फॉर्म भरने के बाद दस्तावेज अपलोड करें, आवेदन शुल्क (यदि कोई) जमा करें और सबमिट करें। आवेदन की अंतिम तिथि और लिंक जल्द जारी होंगे। चयनित छात्राओं को एसएमएस या ईमेल से सूचना मिलेगी, और जिला नोडल सेंटर पर स्कूटी वितरण होगा। हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध होंगे।
प्रभाव और अपेक्षाएं
यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। पिछले वर्षों की समान योजनाओं से ड्रॉपआउट दर 15 प्रतिशत घटी है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूटी से न केवल समय बचेगा, बल्कि छात्राओं का सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। ग्रामीण महिलाओं के लिए यह स्वावलंबन का प्रतीक बनेगी। हालांकि, जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक आवेदन सुनिश्चित करने होंगे। योगी सरकार की यह पहल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को मजबूत करेगी।









