
सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सूचना है. बिजली कंपनियों ने फैसला लिया है कि जून महीने का ईंधन अधिभार शुल्क अब अगस्त के बिल में जोड़कर वसूला जाएगा. यानी की सितंबर के महीने में जो बिल आएगा, उसमे 2.34% Extra Charge जोड़ दिया जाएगा. बताया जा रहा है कि इस महीने बिजली कंपनियां ग्राहकों से लगभग 184.41 करोड़ रुपये ज्यादा लेंगी.
ग्राहकों का 33,122 करोड़ रुपये सरप्लस बकाया
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि बिजली कंपनियों पर ग्राहकों का 33,122 करोड़ रुपये सरप्लस बकाया है. इसलिए कंपनियों को ग्राहकों से एक्स्ट्रा शुल्क लेने के बदले बकाया पैसे में से ही काट लेना चाहिए. इससे ग्राहकों को ज्यादा रुपए नहीं देने पड़ेंगे.
बिजली दरों को लेकर नया नियम
कंपनी ने बिजली दरों को लेकर एक नया नियम बनाया है, जिसके अनुसार यदि बिजली की दरें कम होती है तो ईंधन पर लगने वाला एक्स्ट्रा खर्चा ग्राहकों से लिया जाएगा. जून महीने का 2.34% ईंधन अधिभार शुल्क आपके सितंबर के बिजली बिल में जोड़ा जाएगा. सबसे खास बात यह है कि जुलाई महीने का ये शुल्क कम हो सकता है. मई महीने का ईंधन अधिभार शुल्क, जो अगस्त की बिल में जोड़ा गया है, वह 0.24% है.
