
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को फतेहपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला और प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर भी स्पष्ट मैसेज दिया। फतेहपुर पहुंचे डिप्टी सीएम ने यहां रेड क्रॉस सोसाइटी बिल्डिंग का उद्घाटन किया और मंच से विपक्ष की राजनीति और ईवीएम पर अपना तीखा रुख साफ कर दिया।
ईवीएम और पंचायत चुनाव पर ब्रजेश पाठक का बयान
ब्रजेश पाठक ने कहा कि जब विपक्ष हारता है तो ईवीएम पर सवाल उठाता है, लेकिन जीतता है तो ईवीएम को अच्छा और निर्भ्रष्ट बताता है। उन्होंने कहा कि ईवीएम पर जो भी दावे किए जाते हैं, उनकी जांच निष्पक्ष तरीके से होती है और इलेक्शन इसी आधार पर टिके रहने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव प्रक्रिया अभी अदालत में विचाराधीन है, लेकिन राज्य सरकार ने तैयारी पूरी कर ली है और चुनाव समय पर ही कराने का दृढ़ निर्णय लिया गया है।
सपा पर वंशवाद और नारे का आरोप
इसी कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी पर भी हमला तेज किया। उन्होंने “खाली प्लॉट हमारा है” के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार के दौरान पार्टी के लोग यही नारा लगाया करते थे। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने सपा को चार बार सरकार बनाने का मौका दिया – तीन बार पिता को और एक बार बेटे को। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने यह संदेश दिया कि अब जनता की विचारधारा बदल चुकी है और वह केवल राजनीतिक वंशवाद पर भरोसा नहीं करेगी।
सत्ता वसीयत नहीं, जनता का फैसला
ब्रजेश पाठक ने वंशवाद और “सत्ता का विरासत” वाले मुद्दे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता कोई ट्रांसफर प्रॉपर्टी एक्ट नहीं है जिसे माता‑पिता की मृत्यु या वसीयत के आधार पर आसानी से हस्तांतरित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सत्ता का निर्णय तो जनता करती है, न कि किसी खास परिवार या वंश के लोग।
उन्होंने केंद्र की सत्ता पर भी निशाना साधते हुए उन नेताओं की ओर इशारा किया जो विदेशों में घूम रहे हैं, जबकि देश के अंदर जनता बारिश, ओलों और मौसम की मार झेल रही है। उन्होंने कहा कि 20 दिन की छुट्टी में इटली घूमने वालों को याद रखना चाहिए कि सत्ता जनता की है, वह किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं।
जाति और धर्म पर वोट मांगने का आरोप
इसी धारा में डिप्टी सीएम ने सपा की जाति‑आधारित राजनीति पर भी तीखा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता जाति और धर्म के आधार पर वोट नहीं मांगेंगे, तो पार्षद और प्रधानी तक की सीटों पर भी उनकी जीत लगभग असंभव हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल गठबंधन और जाति‑समाज के आधार पर चुनावी रणनीति बनाती है, न कि विकास, शासन और सुशासन की वास्तविक बात पर ध्यान केंद्रित करती है।
पंचायत चुनाव में पारदर्शिता पर आश्वासन
पंचायत चुनाव के मुद्दे पर ब्रजेश पाठक ने जनता को आश्वस्त किया कि अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच भी राज्य सरकार ने अपनी तैयारी पहले से ही पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर चुनावी तंत्र पारदर्शी, निष्पक्ष और डिजिटल तरीके से संचालित किया जाएगा, ताकि ग्रामीण जनता के हित को वास्तविक रूप से प्रतिबिंबित किया जा सके। उनका यह संदेश था कि भाजपा अब पंचायत स्तर पर भी जनआधारित, विकास‑ओरिएंटेड और ईमानदार नेतृत्व की वकालत कर रही है, जबकि विपक्ष अभी भी गुटबाजी, जातिवाद और वंशवाद पर भरोसा कर रहा है।









