
उत्तर प्रदेश में, परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय, एलनगंज ने पिछले चार महीनों में छह डीएलएड (DElEd) प्रशिक्षुओं के प्रमाण पत्र रद्द कर दिए हैं। इन लोगों ने कहीं नौकरी करते हुए या कोई दूसरा नियमित कोर्स करते हुए साथ में डीएलएड का प्रशिक्षण भी लिया था, जो कि नियमों का उल्लंघन है।
इसके अलावा फरहत अहमद नामक एक प्रशिक्षु का प्रमाण पत्र इसलिए रद्द किया गया क्योंकि उन्होंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर बीटीसी प्रशिक्षण पूरा किया था। शिकायत सही पाए जाने पर शामली और मुजफ्फरनगर के कॉलेजों से जारी बीटीसी बैच-2014 के प्रमाण पत्र भी निरस्त किए गए हैं।
एक साथ दो डिग्री लेने पर बीटीसी प्रमाणपत्र निरस्त
आजमगढ़ के उच्च प्राथमिक विद्यालय वाजिदपुर में अनुदेशक के पद पर काम कर रहे सुनील कुमार यादव का बीटीसी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया है। उन्होंने यह प्रशिक्षण अनुदेशक पद पर कार्यरत रहते हुए प्राप्त किया था। इसी तरह, कीर्ति नन्दा का भी बीटीसी प्रमाणपत्र निरस्त किया गया है, क्योंकि उन्होंने बीटीसी प्रशिक्षण और एलएलबी की डिग्री एक साथ प्राप्त की थी। इन दोनों मामलों में निजी बीटीसी कॉलेजों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया गया है।
नौकरी या पढ़ाई के साथ BTC/DElEd करने वालों के प्रमाण पत्र रद्द
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सचिव, अनिल भूषण चतुर्वेदी ने यह स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों ने नौकरी करते हुए या किसी अन्य कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ बीटीसी या डीएलएड (DElEd) का प्रशिक्षण लिया है, उनके प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया गया है। यह फैसला एक ही समय में दोहरी पढ़ाई या काम को रोकने के लिए लिया गया है।
पद पर रहते हुए ट्रेनिंग लेने पर डीएलएड प्रमाण पत्र निरस्त
मुजफ्फरनगर के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जिला समन्वयक के तौर पर काम करते हुए अंकुर कुमार ने डीएलएड (D.El.Ed) का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। जब इस अनियमितता की शिकायत की गई, तो परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने कार्रवाई करते हुए, मेरठ के एक निजी कॉलेज से अंकुर कुमार को जारी डीएलएड बैच 2018 का प्रमाण पत्र रद्द (निरस्त) कर दिया।
नौकरी के दौरान बीटीसी प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र रद्द
यह केस मीरजापुर का है, जहाँ सुप्रिया मिश्रा मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थीं। नौकरी करते हुए उन्होंने बीटीसी (BTC) का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर लिया। जब इस बात की शिकायत सही पाई गई, तो चंदौली के निजी कॉलेज से जारी उनके बीटीसी बैच-2015 के प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया गया।
पद पर रहते हुए ट्रेनिंग लेने पर पंचायत सहायक का डीएलएड सर्टिफिकेट रद्द
कौशाम्बी जिले के समरहटा गाँव की पंचायत सहायक, नूतन शुक्ला, को बड़ा झटका लगा है। पंचायत सहायक के पद पर काम करते हुए उन्होंने डीएलएड (D.El.Ed.) का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर लिया था। इस संबंध में शिकायत मिलने और उसकी पुष्टि होने के बाद, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) कौशाम्बी ने नूतन शुक्ला का डीएलएड बैच 2022 का प्रमाणपत्र तुरंत निरस्त कर दिया है।
पुराने शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग
प्रयागराज में परिषदीय शिक्षकों ने शुक्रवार को सांसद प्रवीण पटेल को उनके घर पर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें 2011 से पहले काम कर रहे शिक्षकों को टीईटी (TET) परीक्षा से छूट देने की मांग की गई है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के सदस्यों ने सांसद से आग्रह किया कि वे संसद के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे को उठाएँ और केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भविष्य पर लागू करने की मांग करें। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी पास करने की अनिवार्यता से देशभर के लगभग 20 लाख शिक्षकों की नौकरी और रोज़ी-रोटी पर संकट आ गया है।









