
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को नई गति दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पात्र लाभार्थियों की पहचान का कार्य अभी से शुरू हो गया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर ग्राम्य विकास विभाग ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) को पत्र भेज अभियान चलाने के आदेश दिए हैं।
खास बात यह है कि निराश्रित विधवा महिलाओं को सबसे ऊपर प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे लाखों महिलाओं के सिर पर छत का सपना साकार होने की उम्मीद जगी है।
योजना का अब तक का सफर
यह योजना 2018-19 से संचालित हो रही है और अब तक प्रदेश भर में 4.72 लाख परिवारों को लाभ पहुंच चुका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 1400.02 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट प्रावधान किया है। ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वेक्षण तेजी से पूरा करें।
विधवाओं को विशेष प्राथमिकता
विशेष रूप से पति की मृत्यु के बाद निराश्रित विधवा महिलाओं (आयु 18 से 50 वर्ष) को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए महिला कल्याण विभाग की 15.53 लाख पेंशन लाभार्थियों की सूची जिलों को उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि सत्यापन के बाद इन्हें आवास सूची में शामिल किया जा सके।
पात्र श्रेणियां
योजना के दायरे में मुसहर, वनटांगिया, नट, सपेरा, जोगी, बासफोर, बसोड़, धरकार जैसी अनुसूचित जनजातियां, कुष्ठ रोगी, दिव्यांगजन, प्राकृतिक आपदा प्रभावित परिवार शामिल हैं। विधवा महिलाओं के बाद इन्हें प्राथमिकता मिलेगी। पहले विधवाओं की आयु सीमा 18-40 वर्ष थी, लेकिन हाल के संशोधन से इसे 50 वर्ष तक बढ़ा दिया गया है। यह बदलाव योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है।
समयसीमा और लक्ष्य
सभी जिलों को 15 अप्रैल 2026 तक लाभार्थियों का मांग पत्र भेजने का लक्ष्य दिया गया है, जिसके आधार पर नई सूची अंतिम रूप लेगी।
चयन प्रक्रिया पारदर्शी
चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी। ग्राम पंचायतों में सर्वे के दौरान पात्रता का सत्यापन होगा। आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र (विधवाओं के लिए), निवास प्रमाण जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं। आवेदन ग्राम पंचायत, ब्लॉक डीपीआरओ कार्यालय या पीएम आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज कराए जा सकते हैं।
लाभ और प्रभाव
लाभार्थियों को पक्के मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में किस्तों में मिलेगी। ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, यह अभियान पूरे प्रदेश में एक साथ चलाया जा रहा है, जिसमें बरेली, बदायूं जैसे जिलों में 11 हजार से अधिक आवासों का लक्ष्य है।
नेतृत्व के निर्देश
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बैठक में कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए। ग्राम्य विकास आयुक्त ने सीडीओ को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट देने को कहा है। यह योजना न केवल आवास मुहैया कराएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि विधवा महिलाओं को प्राथमिकता से सामाजिक न्याय सुनिश्चित होगा। अब ग्रामीण महिलाएं उत्साहित हैं, क्योंकि उनके लिए घर का सपना करीब आ गया है। जागरूक रहें, स्थानीय पंचायत से संपर्क करें और समय पर आवेदन करें।









