
लखनऊ और बहराइच के बीच के सफर को आसान और सस्ता बनाने के लिए जरवलरोड से 65 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है। 530 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर मंजूर हो चुकी है और अब इस रूट पर आने वाले 62 गांवों की जमीन अधिग्रहण का काम तेज कर दिया गया है। इस नए मार्ग पर तीन रेलवे स्टेशन और एक हाल्ट बनाया जाएगा। इस सुविधा के शुरू होने से बहराइच के साथ-साथ श्रावस्ती, बलरामपुर और नेपाल के यात्रियों को भी कम समय और कम खर्च में राजधानी लखनऊ पहुँचने में आसानी होगी।
लखनऊ-बहराइच रेल प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार
बहराइच से जरवल रोड के बीच बहुप्रतीक्षित नई रेल लाइन का काम अब तेज हो गया है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा। करीब डेढ़ साल पहले हुए सर्वे के बाद अब फाइनल रिपोर्ट (DPR) तैयार है, जिसके मुताबिक इस मार्ग पर जरवल कस्बा, कैसरगंज और फखरपुर में तीन नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। साथ ही, परसेंडी शुगर मिल के पास एक हाल्ट भी बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को न केवल तेज और सुरक्षित सफर मिलेगा, बल्कि व्यापार और विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे।
2027 तक दौड़ने लगेगी लखनऊ-बहराइच रेल
नई रेल लाइन के निर्माण के लिए प्रशासन ने अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके तहत कैसरगंज तहसील के 18 गांव और बहराइच तहसील के 24 गांवों के किसानों की जमीन ली जाएगी, जिसमें टेंड़वा महंत, हैबतपुर, मसीहाबाद और गोकुलपुर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस दिशा में कार्यवाही शुरू कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि 2027 तक इस रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट बहराइच और आसपास के इलाकों के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
किसानों के सहयोग से आगे बढ़ेगा रेल प्रोजेक्ट
सिटी मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने जानकारी दी है कि जरवलरोड-बहराइच नई रेल लाइन के लिए कैसरगंज और बहराइच तहसील के 62 गांवों के किसानों के साथ भूमि अधिग्रहण को लेकर सहमति बन गई है। प्रशासन और किसानों के बीच सकारात्मक बातचीत के बाद अब जमीन लेने की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है। इस आपसी तालमेल से प्रोजेक्ट के काम में तेजी आएगी और उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा।









