
उत्तर भारत के मौसम में एक नया बदलाव आने वाला है, जिसका मुख्य कारण एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है। यह मौसमी सिस्टम 26 से 28 जनवरी तक प्रभावी रहेगा, जिसका सबसे ज्यादा असर 27 जनवरी को देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसके चलते पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश और जबरदस्त हिमपात (Snowfall) होने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ इसका असर मैदानी राज्यों में भी दिखेगा, जिससे राजस्थान के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है और ठंड बढ़ सकती है।
राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने राजस्थान के सीमावर्ती जिलों—जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़—के लिए चेतावनी जारी की है। अगले कुछ घंटों में यहाँ मौसम काफी बिगड़ सकता है, जहाँ 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने के आसार हैं। इन इलाकों में आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और कुछ जगहों पर बिजली गिरने (Lightning) व ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका जताई गई है। खराब मौसम को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राजस्थान के कई संभागों में बिगड़ा मौसम
राजस्थान के मौसम में मची उथल-पुथल अब जयपुर, टोंक और बूंदी तक पहुँच गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 27 जनवरी को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और जोधपुर संभागों के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा, लेकिन सबसे ज्यादा चिंता ओलावृष्टि (Hailstorm) को लेकर है। राज्य के कुछ हिस्सों में ओले गिरने से फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुँच सकता है, जिसे देखते हुए किसानों और आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ठंड से मिलेगी राहत, पर कोहरा और ओले बढ़ाएंगे मुसीबत
राजस्थान में सक्रिय नए मौसमी सिस्टम के कारण कड़ाके की ठंड और शीतलहर से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। अगले 48 घंटों में राज्य के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि, बारिश के थमते ही सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है, जिससे सड़कों पर दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है। मौसम विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को सलाह दी है कि तेज हवाओं और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, बिजली के खंभों या ऊंचे पेड़ों से दूर रहें। साथ ही, ओलावृष्टि के समय वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पार्क करें और घरों के अंदर ही रहें।
किसानों और यात्रियों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को चेतावनी दी है कि वे आने वाली बारिश और ओलावृष्टि को देखते हुए अपनी फसलों को सुरक्षित करने की तैयारी पहले ही कर लें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले मौसम का अपडेट जरूर लें, क्योंकि बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहें और सबसे सटीक जानकारी के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या जयपुर मौसम केंद्र के सोशल मीडिया हैंडल्स को फॉलो करें। बदलते मौसम के इस दौर में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना ही सबसे बेहतर उपाय है।









