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अब बिना आवेदन अपने आप बनेगा BPL राशन कार्ड; परिवार पहचान पत्र (PPP) से शुरू हुई डिजिटल प्रक्रिया

हरियाणा में राशन कार्ड की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल हो गई है! जानें कैसे परिवार पहचान पत्र (PPP) के जरिए बिना किसी आवेदन और दफ्तरों के चक्कर काटे सीधे आपके घर तक पहुँचेगा BPL राशन कार्ड। पात्रता के नए नियम और पूरी प्रक्रिया यहाँ देखें।

By Pinki Negi

अब बिना आवेदन अपने आप बनेगा BPL राशन कार्ड; परिवार पहचान पत्र (PPP) से शुरू हुई डिजिटल प्रक्रिया
BPL राशन कार्ड

हरियाणा सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए BPL राशन कार्ड बनवाने के पुराने और जटिल नियमों को खत्म कर दिया है। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या महीनों इंतज़ार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई व्यवस्था के तहत, योग्य परिवारों को अब राशन कार्ड के लिए कोई आवेदन या दस्तावेज जमा नहीं कराने होंगे। सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑटोमैटिक और डिजिटल बना दिया है, जिससे पात्र लोगों के कार्ड अब अपने आप (Auto-generated) बनाए जा रहे हैं। यह कदम भ्रष्टाचार को रोकने और पात्र परिवारों को बिना किसी परेशानी के सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए उठाया गया है।

हरियाणा में राशन कार्ड की नई डिजिटल व्यवस्था

कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला के सवाल पर जवाब देते हुए खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने विधानसभा में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जनवरी 2023 से प्रदेश में BPL (बीपीएल) और AAY (अंत्योदय) राशन कार्डों के लिए एक अत्याधुनिक और पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी गई है।

अब कार्ड बनाने की प्रक्रिया पारदर्शी और ‘स्वत:’ (Automatic) हो चुकी है, जिसका मतलब है कि पात्र परिवारों की पहचान सरकारी डेटा के आधार पर बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के की जा रही है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य भ्रष्टाचार को खत्म करना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी मदद सीधे सही और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचे।

हरियाणा में BPL कार्ड का नया नियम

हरियाणा में अब BPL राशन कार्ड बनवाने के लिए किसी भी तरह का फॉर्म भरने या दस्तावेज जमा करने की पुरानी झंझट पूरी तरह खत्म हो गई है। नई व्यवस्था के तहत, सरकार आपके परिवार पहचान पत्र (PPP) के डेटा का उपयोग करती है।

जिन परिवारों की सालाना आय 1.80 लाख रुपये तक सत्यापित (Verified) है, उन्हें सरकार सीधे बीपीएल श्रेणी में शामिल कर लेती है। अब सरकारी सिस्टम खुद तय करता है कि कौन पात्र है और कार्ड भी अपने आप जारी कर दिया जाता है। इसका मतलब है कि अब गरीब परिवारों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि लाभ खुद उनके पास आएगा।

डेटा अपडेट होते ही हाथो-हाथ बन रहे BPL कार्ड

हरियाणा सरकार की नई रिपोर्ट के अनुसार, परिवार पहचान पत्र (PPP) और PDS डेटाबेस के आपस में जुड़ने से राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव आया है। अब राज्य में एक भी आवेदन पेंडिंग नहीं है क्योंकि कार्ड बनाने के लिए किसी मानवीय हस्तक्षेप की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।

जैसे ही पीपीपी डेटाबेस में किसी परिवार की आय पात्रता के दायरे में आती है, उनका कार्ड उसी दिन ऑटोमैटिक जेनरेट हो जाता है। इसी तरह, आय बढ़ने पर कार्ड खुद-ब-खुद रद्द भी हो जाते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, नूंह, सिरसा, यमुनानगर, फरीदाबाद और हिसार जैसे जिलों में सबसे ज्यादा नए कार्ड बने और रद्द हुए हैं। जो काम पहले 10 से 30 दिनों में होता था, वह अब रियल-टाइम डेटा पर आधारित हो गया है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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