
ट्रेन यात्रियों के लिए दिल्ली पहुंचना अक्सर घंटों के इंतजार का पर्याय बन जाता है। गाजियाबाद से नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन की ओर आ रही ट्रेनें साहिबाबाद या आनंद विहार के पास आउटर सिग्नल पर लंबे समय तक खड़ी रहती हैं। इससे न केवल यात्रियों का समय बर्बाद होता है, बल्कि रेलवे का ईंधन खर्च भी बढ़ता है। कई बार तो यात्री खिन्न होकर ट्रेन से उतरने को मजबूर हो जाते हैं। लेकिन अब यह समस्या इतिहास बनने वाली है। आनंद विहार से तिलक ब्रिज के बीच चल रहे थर्ड एंड फोर्थ लाइन प्रोजेक्ट से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
प्रोजेक्ट का विस्तार
इस 9.77 किलोमीटर लंबे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का काम जोर-शोर से चल रहा है। वर्तमान में आनंद विहार-तिलक ब्रिज सेक्शन में केवल दो ट्रैक हैं, जबकि नई दिल्ली से तिलक ब्रिज तक छह ट्रैक और आनंद विहार आगे चार ट्रैक उपलब्ध हैं। निजामुद्दीन की ओर से आने वाली दो लाइनों का ट्रैफिक इसी दो ट्रैक वाले हिस्से में मिल जाता है, जिससे जाम जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
इस रूट पर प्रतिदिन 180 पैसेंजर ट्रेनें और 42 मालगाड़ियां गुजरती हैं, जो इसकी व्यस्तता का स्पष्ट संकेत है। प्रोजेक्ट के पूरा होने से ट्रेनें आउटर पर नहीं रुकेंगी, लेटलतीफी कम होगी और यात्रा समयबद्ध हो जाएगी। अब तक 1.32 किमी काम पूरा हो चुका है, शेष जल्द खत्म होने की उम्मीद है।
यात्रियों को होने वाले लाभ
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह परियोजना गाजियाबाद-नई दिल्ली-हजरत निजामुद्दीन सेक्शन को मजबूत बनाएगी। यात्रियों को मिलने वाली राहत के साथ ही रेलवे का परिचालन खर्च भी घटेगा। दिल्ली जैसे महानगर में जहां रोजाना लाखों यात्री रेल पर निर्भर हैं, यह कदम वरदान साबित होगा। खासकर उत्तर भारत से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को फायदा होगा, जो अक्सर आउटर पर घंटों इंतजार करते हैं।
अन्य रेलवे सुविधाएं
रेलवे यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए अन्य कदम भी उठा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में बताया कि 76 चिन्हित स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं। इनमें बैठने की व्यवस्था, पानी, शौचालय, टिकट काउंटर, सूचना बोर्ड और सुरक्षा जांच जैसी सुविधाएं होंगी। नई दिल्ली स्टेशन पर यह सुविधा पहले ही शुरू हो चुकी है। एक्सेस कंट्रोल सिस्टम से केवल कन्फर्म टिकट वालों को प्लेटफॉर्म पर प्रवेश मिलेगा, जबकि वेटिंग यात्रियों को होल्डिंग एरिया में रखा जाएगा। इससे प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम होगी।
भविष्य की योजनाएं
अमृत भारत योजना के तहत दिल्ली के 13 स्टेशनों का आधुनिकीकरण तेजी से चल रहा है, जिसमें नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और आनंद विहार शामिल हैं। दिल्ली-अंबाला रूट पर भी दो नई लाइनों से इसी तरह की राहत मिल रही है। ये प्रयास रेल नेटवर्क को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं। यात्रियों की लंबे समय की मांग पूरी होने से रेल सेवाओं में नया युग शुरू होगा।









