
दिल्ली सरकार ने छात्रों को तकनीक से जोड़ने और भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री डिजिटल एजुकेशन योजना’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना के तहत मेधावी छात्राओं को मुफ्त लैपटॉप दिए जाएंगे। इस पहल का मुख्य मकसद यह है कि पैसों की कमी के कारण कोई भी छात्रा उच्च शिक्षा (Higher Education) या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से पीछे न रहे। लैपटॉप मिलने से छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ उठाने में आसानी होगी।
दिल्ली फ्री लैपटॉप योजना क्या है ?
दिल्ली सरकार की ‘मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना’ के तहत हर साल 10वीं कक्षा के 1200 मेधावी छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाले i7 कॉन्फिगरेशन के लैपटॉप मुफ्त दिए जाएंगे। इस योजना के लिए सरकार ने 7.5 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जिसमें प्रत्येक लैपटॉप की कीमत 60,000 रुपये से अधिक होगी। इस शानदार तोहफे को पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं: छात्र को दिल्ली का निवासी होना चाहिए, CBSE बोर्ड से नियमित (Regular) छात्र के रूप में 10वीं पास की हो और उसका नाम टॉप 1200 की मेरिट लिस्ट में शामिल हो। साथ ही, लैपटॉप पाने के लिए छात्र का 11वीं कक्षा में एडमिशन लेना अनिवार्य है।
मेरिट के आधार पर छात्राएं भी पाएंगी फ्री लैपटॉप
दिल्ली सरकार की इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें छात्र और छात्राओं के बीच कोई भेदभाव नहीं किया गया है। जो भी छात्रा मेरिट लिस्ट के टॉप-1200 में जगह बनाएगी, उसे भी मुफ्त लैपटॉप दिया जाएगा। खास बात यह है कि इस योजना के लिए छात्रों को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं है; सरकार सीबीएसई (CBSE) 10वीं के रिजल्ट के आधार पर खुद लिस्ट तैयार करेगी। चयनित छात्रों को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान लैपटॉप बांटे जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस कदम से छात्राएं डिजिटल पढ़ाई में आत्मनिर्भर बनेंगी और उनकी उच्च शिक्षा का रास्ता आसान होगा।
मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
- दिल्ली का आधार कार्ड
- 10वीं की मार्कशीट
- 11वीं में एडमिशन का प्रमाण पत्र
- स्कूल आईडी कार्ड
डिजिटल शिक्षा से मजबूत होगा दिल्ली का भविष्य
दिल्ली सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आधुनिक संसाधनों से लैस करना है। सरकार का मानना है कि प्रीमियम लैपटॉप मिलने से मेधावी छात्र न केवल ऑनलाइन स्टडी और डिजिटल नोट्स का लाभ उठा सकेंगे, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी बेहतर तरीके से कर पाएंगे। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन होनहार छात्रों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगी। इससे न केवल छात्रों का व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि दिल्ली में डिजिटल शिक्षा का ढांचा भी और अधिक सशक्त और आधुनिक बनेगा।









