
दिल्ली सरकार महिलाओं को सशक्त और सुरक्षित बनाने के लिए जल्द ही ‘ई-बाइक दीदी योजना’ शुरू करने जा रही है। इस शानदार पहल के जरिए महिला ड्राइवरों को इलेक्ट्रिक दो-पहिया वाहन चलाने का प्रशिक्षण और अवसर दिया जाएगा। इससे न केवल महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाली अन्य महिलाएं भी महिला ड्राइवर के साथ सफर करते समय अधिक सुरक्षित और सहज महसूस करेंगी।
दिल्ली में ‘ई-बाइक दीदी’ से मिलेगी लास्ट माइल कनेक्टिविटी
दिल्ली सरकार का ‘ई-बाइक दीदी’ प्रोजेक्ट अब अपने शुरुआती विचार-विमर्श के चरण में है, जिसका मुख्य लक्ष्य महिलाओं को सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त सफर मुहैया कराना है। इस योजना के तहत प्रशिक्षित महिला राइडर्स इलेक्ट्रिक स्कूटरों के जरिए महिला यात्रियों को पास के मेट्रो स्टेशनों या प्रमुख पर्यटक स्थलों तक पहुँचाने का काम करेंगी। यह पहल न केवल महिलाओं के लिए आवाजाही को सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि शहर में ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ की समस्या को दूर करने के साथ-साथ पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने में मदद करेगी।
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ‘भारत टैक्सी’ के साथ साझेदारी
दिल्ली सरकार की इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित सफर का अहसास कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, महिला यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अन्य संबंधित विभागों से भी चर्चा की जा रही है।
खास बात यह है कि सरकार ने कैब सुविधाओं के लिए पहले ही ‘भारत टैक्सी’ के साथ एक समझौता (MOU) किया है, और अब इसी साझेदारी के तहत ‘ई-बाइक दीदी’ योजना को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। यह विशेष सुविधा पूरी तरह से केवल महिला यात्रियों के लिए ही उपलब्ध होगी, जिससे वे बेझिझक कहीं भी आ-जा सकेंगी।
ई-बाइक दीदी योजना के लिए जरूरी शर्तें
- अन्य शर्तें: योजना के पूरी तरह लागू होने के बाद सरकार कुछ अन्य योग्यताएं भी तय कर सकती है।
- आयु सीमा: इस योजना के तहत केवल 18 से 40 वर्ष की महिलाएं ही राइडर बनने के लिए आवेदन कर सकती हैं।
- निवास स्थान: आवेदन करने वाली महिला का दिल्ली का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
- अनिवार्य दस्तावेज: राइडर बनने के लिए महिला के पास एक वैध ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) होना जरूरी है।
- पंजीकरण (Enrollment): पात्र महिलाओं को योजना के तहत खुद को रजिस्टर यानी एनरोल करना होगा।
किन बातों पर चल रही है चर्चा
- चालक भर्ती
- किराया संरचना
- सुरक्षा प्रोटोकॉल
- बीमा कवरेज
- रूट मैपिंग सहित तौर-तरीकों को तय करने के लिए अभी चर्चा जारी है।
ई-बाइक दीदी योजना का मुख्य उद्देश्य
- सुरक्षित सफर और कमाई: इस योजना का मकसद महिलाओं को सुरक्षित और भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट देना है, साथ ही उन्हें रोजगार के जरिए कमाई का अवसर प्रदान करना है।
- आर्थिक सहायता: महिला ड्राइवरों को ई-स्कूटर खरीदने में मदद करने के लिए सरकार सब्सिडी या इंसेंटिव (वित्तीय सहायता) देने पर विचार कर रही है।
- पर्यावरण की सुरक्षा: इलेक्ट्रिक स्कूटरों को बढ़ावा देकर दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने में भी यह प्रोजेक्ट मददगार साबित होगा।
- पायलट प्रोजेक्ट: शुरुआत में इस योजना को दिल्ली के प्रमुख पर्यटक स्थलों (Tourist Destinations) पर एक ट्रायल के तौर पर शुरू किया जा सकता है।
- विस्तार की योजना: ट्रायल के नतीजों और सफलता को देखने के बाद ही सरकार इस स्कीम को पूरी दिल्ली में बड़े स्तर पर लागू करने का फैसला लेगी।









