
बिहार सरकार की ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना’ आर्थिक रूप से कमजोर विधवा महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत है। सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत 40 से 79 वर्ष की बीपीएल (BPL) श्रेणी की महिलाओं को हर महीने पेंशन दी जाती है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक तंगी के सम्मानजनक जीवन जी सकें। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी बुनियादी जरूरतों के लिए आर्थिक मदद पहुंचाना है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र महिलाएं बेहद आसान प्रक्रिया के जरिए आवेदन कर सकती हैं।
अब ₹400 की जगह मिलेंगे ₹1100, जानें कैसे सीधे खाते में आता है पैसा
बिहार सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए विधवा पेंशन की राशि में भारी बढ़ोतरी की है। साल 2025 से, पहले मिलने वाले 400 रुपये को बढ़ाकर अब 1100 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि यह बढ़ी हुई राशि महिलाओं को महंगाई के दौर में बेहतर आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी।
सबसे अच्छी बात यह है कि पेंशन का पैसा बिना किसी बिचौलिए के सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। राज्य स्तर पर PFMS सिस्टम का उपयोग कर हर महीने एक निश्चित तारीख पर यह राशि महिलाओं के खातों में सुरक्षित तरीके से ट्रांसफर कर दी जाती है।
कौन ले सकता है ₹1100 मासिक पेंशन का लाभ?
बिहार की इस विशेष पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी योग्यताएँ तय की हैं। मुख्य रूप से, महिला का बिहार का स्थायी निवासी होना और उसका विधवा होना अनिवार्य है। आयु सीमा की बात करें तो आवेदिका की उम्र 40 से 79 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही, महिला का परिवार बीपीएल (BPL) श्रेणी में आना चाहिए और वह पहले से किसी अन्य सरकारी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ न ले रही हो। ये शर्तें सुनिश्चित करती हैं कि सहायता राशि केवल उन्हीं महिलाओं तक पहुँचे जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
ब्लॉक ऑफिस से शुरू होगा पेंशन का सफर
बिहार विधवा पेंशन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया काफी सरल है। लाभार्थियों को अपने दस्तावेजों के साथ हस्ताक्षरित आवेदन पत्र नजदीकी ब्लॉक ऑफिस (Block Office) के RTPS काउंटर पर जमा करना होता है। आवेदन जमा करते ही आपको एक रसीद दी जाती है, जिसे भविष्य के संदर्भ के लिए संभाल कर रखना आवश्यक है।
आपके आवेदन की स्थिति (स्वीकृत या अस्वीकृत) की सूचना आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS या ईमेल के माध्यम से भेजी जाती है। एक बार मंजूरी मिलने के बाद, आप RTPS काउंटर से अपना स्वीकृति आदेश प्राप्त कर सकते हैं, जिसके तुरंत बाद पेंशन की राशि खाते में आनी शुरू हो जाती है।
घर बैठे चेक करें अपनी पेंशन का स्टेटस
पेंशन का पैसा खाते में आया या नहीं, यह चेक करना अब बेहद आसान हो गया है। लाभार्थी महिलाएं घर बैठे SSPMIS के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना पेमेंट स्टेटस देख सकती हैं। इसके लिए पोर्टल के ‘इंपॉर्टेंट लिंक्स’ सेक्शन में जाकर ‘ई-लाभार्थी’ पर क्लिक करना होता है। इसके बाद ‘चेक योर पेमेंट स्टेटस’ का विकल्प चुनें, अपना वित्तीय वर्ष और बेनेफिशरी आईडी दर्ज करें और सर्च बटन दबाएं। यह ऑनलाइन सुविधा पारदर्शिता सुनिश्चित करती है और महिलाओं को बैंकों या दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाती है।









