
बिहार सरकार ने राजस्व लक्ष्य को समय पर पूरा करने और नागरिकों की सुविधा के लिए जनवरी माह के सभी अवकाशों को रद्द कर दिया है। नई अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय अवकाश (जैसे 26 जनवरी) को छोड़कर, राज्य के सभी निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालय प्रत्येक रविवार और अन्य घोषित राजकीय अवकाशों के दिन भी खुले रहेंगे।
यह निर्णय जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए लिया गया है, ताकि उन्हें काम के दिनों में लंबी प्रतीक्षा न करनी पड़े और विभाग का कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
अब बिना ऑफिस से छुट्टी लिए रविवार को भी कराएं जमीन की रजिस्ट्री
बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि निबंधन कार्यालयों को छुट्टियों में खुला रखने की यह विशेष व्यवस्था केवल जनवरी माह के लिए लागू की गई है। इस दौरान, राष्ट्रीय अवकाशों को छोड़कर बाकी सभी छुट्टियों में रजिस्ट्री ऑफिस सामान्य दिनों की तरह ही काम करेंगे और दस्तावेजों का निबंधन (Registration) किया जाएगा।
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ उन नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों को होगा, जिन्हें रजिस्ट्री के काम के लिए अपने दफ्तर से छुट्टी लेनी पड़ती थी। अब वे रविवार या अन्य छुट्टियों का उपयोग अपनी संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े कार्यों को निपटाने के लिए आसानी से कर सकेंगे।
जनवरी में ‘रजिस्ट्री’ का नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
राज्य सरकार के इस फैसले के पीछे दो मुख्य उद्देश्य हैं। पहला—कार्य दिवसों (Working Days) के दौरान निबंधन कार्यालयों में होने वाली अत्यधिक भीड़ को कम करना, जिससे लोगों का काम शांतिपूर्ण और जल्दी हो सके। दूसरा— राजस्व संग्रह (Revenue Collection) को बढ़ावा देना। साल की शुरुआत में अक्सर जमीन और संपत्ति की खरीदारी बढ़ जाती है, ऐसे में छुट्टियों के दिन दफ्तर खुले रहने से निबंधन की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी। विभागीय सूत्रों का मानना है कि इस अतिरिक्त समय के कारण सरकार को करोड़ों रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, जो राज्य के विकास कार्यों में सहायक सिद्ध होगा।









