बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को साधने के लिए नई योजना का ऐलान किया है। सरकार ने “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य के हर परिवार की एक महिला को पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि सितंबर 2025 से सीधे खातों में ट्रांसफर की जाएगी।

महिलाओं के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता
योजना के मुताबिक, महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए कुल 2 लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी। शुरुआत में उन्हें 10 हजार रुपये मिलेंगे, जबकि छह महीने बाद उनके कामकाज के आकलन के आधार पर अतिरिक्त राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक “अभूतपूर्व कदम” है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “हम लोगों ने 2005 से ही महिला सशक्तीकरण के लिए काम किया है। महिलाएं आज अपनी मेहनत से न केवल बिहार की प्रगति में योगदान दे रही हैं, बल्कि अपने परिवार की स्थिति भी मजबूत कर रही हैं। इस योजना से महिलाओं को और अवसर मिलेंगे।”
आवेदन की प्रक्रिया जल्द
सरकार की ओर से बताया गया है कि योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक महिलाओं को आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और चुनावी तारीखों के ऐलान से पहले ही लाभार्थियों के खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग को सौंपी गई है, जबकि जरूरत पड़ने पर नगर विकास एवं आवास विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा।
हाट बाजारों की भी घोषणा
योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने महिलाओं के उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए गांवों से लेकर शहरों तक हाट बाजार विकसित करने का ऐलान भी किया। इससे महिलाओं को अपने रोजगार को बढ़ाने और बाजार तक सीधी पहुंच हासिल करने में मदद मिलेगी।
विपक्ष का हमला, सरकार का बचाव
हालांकि, विपक्ष ने इस कदम को चुनावी राजनीति से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने बयान दिया, “यह योजना चुनावी लालच है। अगर नीतीश सरकार वाकई महिलाओं की भलाई चाहती थी, तो इसे पहले लागू करती, न कि चुनाव से ठीक पहले।”
वहीं, जेडीयू नेताओं का कहना है कि यह योजना लंबे समय से तैयारी में थी और चुनाव से इसका कोई संबंध नहीं है।
