
यदि आप बिहारी हैं और फिलहाल बिहार में ही रह रहे हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। बिहार सरकार ने अवैध खनन और ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ क्रांतिकारी अभियान छेड़ दिया है। सूचना एवं जन-संपर्क विभाग, बिहार सरकार की ओर से जारी एक विशेष अभियान में आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अवैध बालू, गिट्टी या अन्य खनिजों की अवैध ढुलाई की सूचना दें। बदले में आकर्षक नकद पुरस्कार की गारंटी दी गई है – ट्रैक्टर पकड़वाने पर 5,000 रुपये और ट्रक या बड़े वाहनों पर 10,000 रुपये तक। सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गुप्त रखी जाएगी, जिसे “गुप्त सूचना” नाम दिया गया है।
अभियान की शुरुआत
यह अभियान खान एवं भू-तत्व विभाग के नेतृत्व में चलाया जा रहा है, जिसकी घोषणा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने की थी। अवैध खनन माफिया बिहार की नदियों, पहाड़ियों और सड़कों पर राज कर रहे थे, जिससे सरकारी खजाना खाली हो रहा था और पर्यावरण को गहरा नुकसान पहुंच रहा था। अब सरकार ने जनता को “सामाजिक योद्धा” बनाने का फैसला लिया है। ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे वाहनों की ओवरलोडिंग या बिना वैध दस्तावेजों के माल ढुलाई की सटीक जानकारी दें, तो तुरंत कार्रवाई होगी और इनाम आपके खाते में।
इनाम की संरचना
सरकार ने इनाम की राशि को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया है। यदि कोई ट्रैक्टर या छोटे वाहन से अवैध खनन सामग्री (बालू, पत्थर, गिट्टी) ले जाते पकड़वाते हैं, तो 5,000 रुपये नकद। वहीं, बड़े ट्रक या डंपरों- जो अक्सर 20-30 टन से अधिक लोड लेकर सड़कों को तहस-नहस कर देते हैं – की सूचना पर 10,000 रुपये का प्रोत्साहन। यह राशि कार्रवाई के बाद सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित होगी। पत्रकारों, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स को भी इसमें शामिल किया गया है, ताकि वीडियो या फोटो प्रूफ के साथ सूचना भेजकर वे योगदान दें।
सूचना कैसे दें?
शिकायत दर्ज कराना बेहद आसान है। सरकार ने कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं: 94731 91437, 99395 96554, 06122-215360, 94722 38821 और 91224 14564। इन पर कॉल या मैसेज करें, वाहन नंबर, स्थान, समय और यदि संभव हो तो वीडियो/फोटो भेजें। ईमेल आईडी minesccc-bih@gov.in पर भी शिकायत भेजी जा सकती है। विभाग ने वादा किया है कि 24 घंटे के अंदर जांच शुरू हो जाएगी। गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा – न नाम सार्वजनिक होगा, न मोबाइल नंबर लीक। इससे माफिया के दबाव से डरने की कोई जरूरत नहीं।
पर्यावरण और राजस्व पर असर
अवैध खनन बिहार की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रहा था। अनुमान है कि सालाना अरबों रुपये का राजस्व लूटा जा रहा है। ओवरलोड ट्रक सड़कें तोड़ते हैं, पुल ढहाते हैं और हादसों का कारण बनते हैं। नदियों का तट कटाव, जंगलों का विनाश और जल संकट – ये सब इसके नतीजे हैं। सरकार का लक्ष्य जनता की आंख-कान बनाकर माफिया पर अंतिम प्रहार करना है। पहले पुलिस और विभाग अकेले थे, अब लाखों बिहारवासी सिपाही बनेंगे।
जनता से अपील
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है – “अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाओ, बिहार को बचाओ।” स्थानीय लोग, जो रोज इन ट्रकों से परेशान हैं, अब सक्रिय होंगे। क्या आप तैयार हैं? एक कॉल से न सिर्फ इनाम, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण और मजबूत बिहार बनाएं। यह अभियान 2026 में और मजबूत होगा, जिसमें ऑनलाइन पोर्टल भी शामिल हो सकता है। बिहार सरकार की यह पहल न सिर्फ प्रशासनिक क्रांति है, बल्कि लोकतंत्र की जीत भी।









