
बिहार में LPG गैस सिलेंडर की भयंकर किल्लत ने लाखों परिवारों को परेशान कर दिया है, खासकर शादी-विवाह के इस व्यस्त सीजन में। ईरान संकट के कारण तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है, जिससे घरेलू गैस की उपलब्धता बुरी तरह प्रभावित हुई है। ब्लैक मार्केट में सिलेंडर 1800-2000 रुपये तक बिक रहे हैं, जबकि एजेंसियां बंद पड़ रही हैं। इसी संकट को देखते हुए बिहार सरकार ने एक ऐतिहादारी भरा फैसला लेते हुए नया आदेश जारी किया है, जो शादियों में गैस के दुरुपयोग को रोककर आम उपभोक्ताओं को राहत देगा।
संकट की पृष्ठभूमि
सरकार के इस नए नियम के तहत शादी या किसी वैवाहिक कार्यक्रम में अब घरेलू LPG सिलेंडर का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके बजाय केवल वाणिज्यिक (कमर्शियल) सिलेंडरों का उपयोग अनिवार्य होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि बड़े आयोजनों में लोग अक्सर सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों का अधिकतम उपयोग करते हैं, जिससे सामान्य परिवारों को गैस की भारी किल्लत झेलनी पड़ती है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश स्पष्ट हैं कि कैटरर्स और रसोइयों को पूर्व-पंजीकरण कराना होगा, जिसे तेल कंपनियां 5 से 7 दिनों में पूरा करेंगी। इससे न केवल कालाबाजारी रुकेगी, बल्कि सप्लाई का बेहतर प्रबंधन भी संभव होगा।
शादी के लिए प्रक्रिया
अगर आपके घर में शादी है, तो अब पहले से योजना बनानी पड़ेगी। परिवार को शादी का कार्ड संलग्न कर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के पास आवेदन जमा करना होगा। इसमें मेहमानों की अनुमानित संख्या, आवश्यक सिलेंडरों की मात्रा और आयोजन की तारीख जैसी जानकारी देनी होगी। SDO इस आधार पर गैस की उपलब्धता का आकलन कर तेल कंपनियों को निर्देश जारी करेंगे। तय मात्रा में ही कमर्शियल सिलेंडर कैटरर्स को उपलब्ध कराए जाएंगे, और यह गैस केवल उसी कार्यक्रम तक सीमित रहेगी। बिना पूर्व-अनुमति के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रशासनिक प्रबंधन
प्रशासनिक स्तर पर यह व्यवस्था जिला-वार हेल्पलाइन नंबर्स के साथ मजबूत की जा रही है। पहले सरकार ने 2-3 दिनों में डिलीवरी का आश्वासन दिया था, लेकिन अब प्राथमिकता शादियों को मिलेगी, ताकि कोई जश्न फीका न पड़े। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख मुफ्त कनेक्शन बांटे जा रहे हैं, जो लंबे समय में गरीब महिलाओं को सशक्त बनाएंगे। विपक्ष ने इसे स्वागतयोग्य बताया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान की मांग की है।
भविष्य की उम्मीदें
यह फैसला न केवल तात्कालिक राहत देगा, बल्कि भविष्य में ऐसी योजनाओं के लिए मिसाल बनेगा। बिहार सरकार के प्रयास से गैस संकट की यह जंग जीती जा सकती है, बशर्ते सभी पक्ष सहयोग करें।









