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Goat Farming subsidy: युवाओं के लिए खुशखबरी! बकरी पालन पर बिहार सरकार देगी ₹8 लाख तक की मदद; जानें ट्रेनिंग और सब्सिडी का पूरा नियम

बेगूसराय के युवाओं और किसानों के लिए अपनी किस्मत बदलने का सुनहरा मौका! अब बकरी पालन शुरू करने के लिए बिहार सरकार दे रही है ₹8 लाख तक की भारी मदद। जानें कैसे यूको आरसेटी की मुफ्त ट्रेनिंग और सरकारी सर्टिफिकेट दिलाएगा आपको बंपर सब्सिडी।

By Pinki Negi

Goat Farming subsidy: युवाओं के लिए खुशखबरी! बकरी पालन पर बिहार सरकार देगी ₹8 लाख तक की मदद; जानें ट्रेनिंग और सब्सिडी का पूरा नियम।
Goat Farming subsidy

ग्रामीण इलाकों में बकरी पालन कमाई का एक बहुत अच्छा जरिया है, क्योंकि इसमें लागत कम लगती है और मुनाफा जल्दी मिलता है। लेकिन बीमारियों, सही चारे की जानकारी न होने और समय पर इलाज न मिलने की वजह से अक्सर किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

किसानों की इसी समस्या को दूर करने के लिए बेगूसराय के ‘यूको आरसेटी’ (RSETI) संस्थान ने एक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। इस प्रशिक्षण में बकरी पालन की आधुनिक तकनीकों और बीमारियों से बचाव के तरीके सिखाए जाएंगे, ताकि ग्रामीण युवा और किसान इस व्यवसाय को बिना किसी डर के शुरू कर सकें। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

बेगूसराय में बकरी पालन की 31 दिनों की खास ट्रेनिंग

बेगूसराय यूको आरसेटी के निदेशक सुजीत रजक के अनुसार, फरवरी के आखिरी हफ्ते से बकरी पालन का 31 दिनों का आवासीय प्रशिक्षण (Residential Training) शुरू होने जा रहा है। इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक (Practical) जानकारी दी जाएगी।

ट्रेनिंग के दौरान युवाओं को बकरियों की सही नस्ल चुनने, उनके लिए शेड बनाने, संतुलित आहार देने, बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण और बाजार में बेचने तक की हर बारीकी सिखाई जाएगी। इसका मकसद ग्रामीण युवाओं को इतना सक्षम बनाना है कि वे ट्रेनिंग पूरी करते ही अपना खुद का मुनाफे वाला व्यवसाय शुरू कर सकें।

बेगूसराय में रहने और खाने के साथ मुफ्त बकरी पालन ट्रेनिंग

यूको आरसेटी ने घोषणा की है कि बकरी पालन का यह खास प्रशिक्षण “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा। इस प्रोग्राम के लिए कुल 35 सीट निर्धारित की गई हैं, जिसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हो सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि प्रशिक्षण के दौरान रहने और खाने की पूरी व्यवस्था बिल्कुल मुफ्त रहेगी। यह कदम विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि वे बिना किसी खर्च के हुनर सीखकर अपना रोजगार शुरू कर सकें।

ट्रेनिंग के साथ बैंकिंग और लोन की भी मिलेगी जानकारी

यूको आरसेटी के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मकसद युवाओं को केवल बकरी पालन सिखाना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। ट्रेनिंग के दौरान प्रतिभागियों को बैंकिंग सिस्टम, सरकारी लोन (Loan) लेने की प्रक्रिया और पशु बीमा (Insurance) के दावों के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा। इससे पशुपालकों को भविष्य में आर्थिक मदद लेने के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। संस्थान में मौजूद छात्रों का भी मानना है कि यहाँ बैंकिंग सहायता की बारीकियां सीखने से अपना व्यवसाय शुरू करने का रास्ता काफी आसान हो जाता है।

बकरी पालन के लिए मिलेगी ₹8 लाख तक की सरकारी मदद

यूको आरसेटी (RSETI) से मिलने वाला प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (Certificate) केवल कागज़ का टुकड़ा नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की चाबी है। बिहार सरकार की बकरी पालन योजनाओं के तहत पशुपालकों को ₹8 लाख तक की आर्थिक सहायता और भारी सब्सिडी (अनुदान) दी जाती है। इस योजना के लिए आवेदन करते समय आरसेटी का सर्टिफिकेट बहुत काम आता है, क्योंकि यह प्रमाणित करता है कि आप एक प्रशिक्षित पशुपालक हैं। इससे न सिर्फ लोन मिलने में आसानी होती है, बल्कि सब्सिडी की प्रक्रिया भी तेज़ हो जाती है।

आवेदन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ और प्रक्रिया

बकरी पालन की इस मुफ्त ट्रेनिंग का हिस्सा बनने के लिए आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल है। इच्छुक युवाओं और महिलाओं को अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, जॉब कार्ड (या आर्थिक जनगणना सूची में नाम), बैंक पासबुक और पाँच पासपोर्ट साइज फोटो लेकर सीधे बेगूसराय स्थित यूको आरसेटी कार्यालय पहुँचना होगा। इस प्रशिक्षण के लिए केवल एक ही बुनियादी शर्त है कि उम्मीदवार को हिंदी पढ़ना और लिखना आना चाहिए। आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बेगूसराय के ग्रामीण युवाओं के लिए यह एक शानदार और बड़ा अवसर है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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