Tags

Land Records: बदल गए जमीन की नापी और दाखिल-खारिज के नियम! सरकार ने जारी किया नया सर्कुलर, अब भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम

बिहार में जमीन की रजिस्ट्री और नापी को लेकर वर्षों पुराने नियम बदल गए हैं! सरकार के नए 'महा-सर्कुलर' ने भ्रष्ट अधिकारियों के हाथ बांध दिए हैं और आम जनता के लिए दाखिल-खारिज का रास्ता साफ कर दिया है। जानिए क्या हैं ये नए नियम और आपको इनसे कैसे फायदा होगा।

By Pinki Negi

Land Records: बदल गए जमीन की नापी और दाखिल-खारिज के नियम! सरकार ने जारी किया नया सर्कुलर, अब भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
Land Records

बिहार के उप मुख्यमंत्री और राजस्व-भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। एक हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विभाग की उपलब्धियों को साझा करते हुए एक नया ‘विशेषांक सर्कुलर’ जारी किया।

इस सर्कुलर की सबसे खास बात यह है कि इसमें साल 2003 से लेकर 2023 तक के जमीन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण नियमों और आदेशों को एक साथ संकलित किया गया है। अब आम जनता को जमीन के पुराने नियमों को जानने के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि सारी जरूरी जानकारी एक ही जगह मिल जाएगी।

विजय सिन्हा ने अधिकारियों के लिए जारी किया 4-भागों वाला ‘गाइडेंस सर्कुलर’

बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए एक नया मास्टर प्लान पेश किया है। उन्होंने बताया कि जमीन से जुड़े नियमों के नए संकलन को चार विशेष हिस्सों में बांटा गया है, ताकि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच नियमों को लेकर कोई भ्रम न रहे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विभाग के कामकाज में पारदर्शिता लाना और प्रक्रियाओं को इतना सरल बनाना है कि आम जनता के जमीन संबंधी मामले बिना किसी देरी के निपटाए जा सकें। जब अधिकारियों को नियम स्पष्ट होंगे, तो फाइलों का निपटारा तेजी से होगा और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।

बिहार में भूमि सुधार की बड़ी उपलब्धि

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया कि ‘भूमि सुधार जनकल्याण कार्यक्रम’ के तहत सालों से लटके जमीन के मामलों को प्राथमिकता पर सुलझाया जा रहा है। अब जमीन की नापी, दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे कामों के लिए लोगों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है।

सरकार की इस सक्रियता का असर यह हुआ है कि विभाग में लंबित (Pending) मामलों की संख्या में 4 हजार से अधिक की कमी आई है। विजय सिन्हा ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में तकनीक और स्पष्ट नियमों की मदद से जमीन से जुड़ी हर प्रक्रिया को और भी तेज और पारदर्शी बनाया जाएगा।

बिहार में जमीन के कामों ने पकड़ी रफ्तार

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने राजस्व विभाग की कार्यकुशलता में हुए बड़े सुधार के आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि पहले जमीन से जुड़े आवेदनों पर कार्रवाई की गति बहुत धीमी थी और केवल 19% आवेदनों का ही निपटारा हो पाता था, लेकिन अब यह दर बढ़कर 69% तक पहुँच गई है।

काम की तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहाँ पहले मात्र 11 हजार आवेदन निपटाए जाते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 27 हजार हो गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब आम जनता को अपने काम के लिए दफ्तरों के चक्कर कम काटने पड़ रहे हैं।

मकर संक्रांति के बाद विजय सिन्हा जारी करेंगे रिपोर्ट कार्ड

बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने साफ कर दिया है कि मकर संक्रांति के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली का नया लेखा-जोखा जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ अधिकारियों की सुस्ती और गलत तौर-तरीकों की वजह से जमीन के कामों में देरी हो रही थी, लेकिन अब व्यवस्था में ‘सर्जरी’ की तैयारी है।

सरकार का लक्ष्य प्रक्रियाओं को इतना पारदर्शी बनाना है कि भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे। विजय सिन्हा ने चेतावनी दी है कि जो कर्मचारी काम में बाधा डालेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी ताकि आम जनता को समय पर न्याय और सुविधाएं मिल सकें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें