
अगर आप सुरक्षित निवेश और बंपर रिटर्न की तलाश में हैं, तो पोस्ट ऑफिस की योजनाएं आज भी सबसे भरोसेमंद मानी जाती हैं। हाल के आंकड़ों और ब्याज दरों में हुए बदलाव के बाद, पोस्ट ऑफिस की एक ऐसी स्कीम सामने आई है जिसने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) को भी पीछे छोड़ दिया है। हम बात कर रहे हैं सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की, जो बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ शानदार मुनाफा भी दे रही है।
PPF से मुकाबला
वर्तमान में जहाँ PPF पर 7.1% की ब्याज दर मिल रही है, वहीं सुकन्या समृद्धि योजना पर सरकार 8.2% तक का सालाना ब्याज दे रही है। इसके अलावा, पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) पर भी 8.2% ब्याज मिल रहा है। यह अंतर लंबी अवधि में मैच्योरिटी अमाउंट पर लाखों रुपये का फर्क पैदा कर देता है।
स्कीम की मुख्य विशेषताएं
- सबसे ज्यादा ब्याज: सरकारी गारंटी के साथ 8.2% की ब्याज दर (तिमाही आधार पर समीक्षा)।
- टैक्स में छूट: आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट। इसके अलावा, मैच्योरिटी पर मिलने वाला ब्याज और पूरी राशि भी पूरी तरह टैक्स फ्री होती है (EEE श्रेणी)।
- न्यूनतम निवेश: आप मात्र ₹250 से खाता खोल सकते हैं और साल में अधिकतम ₹1.5 लाख जमा कर सकते हैं।
- खाता कौन खोल सकता है: 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर माता-पिता यह खाता खुलवा सकते हैं।
पैसा डबल होने का गणित (Calculations)
सुकन्या समृद्धि योजना में ‘पावर ऑफ कंपाउंडिंग’ (चक्रवृद्धि ब्याज) का जादू काम करता है।
- निवेश की अवधि: 15 साल तक निवेश करना होता है।
- मैच्योरिटी: 21 साल की उम्र पर खाता मैच्योर होता है।
- उदाहरण: यदि आप हर साल ₹1.5 लाख (अधिकतम सीमा) जमा करते हैं, तो 15 वर्षों में आपका कुल निवेश ₹22.5 लाख होगा।
- मैच्योरिटी पर रिटर्न: मौजूदा 8.2% ब्याज दर के हिसाब से 21 साल बाद आपको लगभग ₹69 लाख से अधिक की राशि मिलेगी। यानी आपका पैसा मूल निवेश से लगभग 3 गुना तक बढ़ सकता है।
निवेश का सही समय
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप अपनी बेटी की पढ़ाई या शादी के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो यह स्कीम PPF के मुकाबले ज्यादा तेजी से पैसा बढ़ाती है। वहीं अगर आप सीनियर सिटीजन हैं, तो SCSS आपके लिए बेस्ट है।









