
भारत में लंबी दूरी के सफर के लिए ट्रेन आज भी आम जनता की पहली पसंद है। किफायती किराया और आरामदायक सफर के कारण भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा माना जाता है। लेकिन आज चर्चा भारतीय रेल की नहीं, बल्कि दुनिया के उस सबसे विशाल रेलवे स्टेशन की है, जिसकी भव्यता और आकार किसी को भी हैरत में डाल सकता है।
चीन के चोंगकिंग शहर में स्थित चोंगकिंग ईस्ट रेलवे स्टेशन अपनी वास्तुकला और चमक-धमक के कारण किसी साधारण स्टेशन की तरह नहीं, बल्कि एक शानदार महल जैसा प्रतीत होता है। 10 साल की मेहनत और 65,000 करोड़ रुपये की लागत से बना यह स्टेशन 1.22 मिलियन वर्ग मीटर में फैला है- 170 फुटबॉल मैदानों के बराबर। न्यूयॉर्क के ग्रैंड सेंट्रल से 5 गुना बड़ा यह हाई-स्पीड रेल हब रोज 3.84 लाख यात्रियों को संभालता है।
स्थानीय संस्कृति से प्रेरित अनोखा डिजाइन
चोंगकिंग ईस्ट का डिजाइन स्थानीय हुआंगजुए पेड़ों से प्रेरित विशाल स्तंभों और कैमेलिया फूल जैसे AC यूनिट्स से सजा है, जो पर्यावरण-अनुकूल और आकर्षक हैं। ग्लास छत से प्राकृतिक रोशनी मिलती है, जबकि हाई-स्पीड वाई-फाई, मल्टी-लैंग्वेज हेल्पडेस्क और बायोमेट्रिक सुरक्षा इसे एयरपोर्ट जैसा बनाती है। मैकडोनाल्ड्स-केएफसी से लेकर चोंगकिंग के मसालेदार व्यंजनों तक- हर सुविधा उपलब्ध। व्हीलचेयर एक्सेस, चार्जिंग स्टेशन और सुरक्षित लॉकर यात्रियों को राजसी अनुभव देते हैं। निर्माण 2015 में शुरू होकर 2025 तक पूरा हुआ, जो चीन की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक है।
विशाल क्षमता और रणनीतिक महत्व
15 प्लेटफॉर्म और 29 ट्रैक वाले इस स्टेशन से प्रतिघंटे 16,000 यात्री गुजर सकते हैं। चीन के ‘आठ ऊर्ध्वाधर और आठ क्षैतिज’ हाई-स्पीड नेटवर्क का प्रमुख हब होने से बीजिंग-शंघाई (6-8 घंटे), चेंगदू-गुइयांग (1 घंटा) और झांगजियाजी (3 घंटे) जैसी दूरी आसान हो गईं। मेट्रो कनेक्टिविटी और TOD (ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट) जोन- होटल, शॉपिंग मॉल, ऑफिस- इसे शहर का केंद्र बनाते हैं। रोज लाखों यात्री यहां से गुजरते हैं, जो चोंगकिंग की 3 करोड़ आबादी को जोड़ता है।
भारतीय यात्रियों के लिए प्रेरणा
भारत के न्यू दिल्ली या हावड़ा जैसे स्टेशनों से तुलना करें तो चोंगकिंग ईस्ट भविष्य का मॉडल लगता है। हमारी रेलवे भी वंदे भारत और अमृत भारत स्टेशनों से प्रगति कर रही है, लेकिन यह स्टेशन सुविधा-सुरक्षा का बेजोड़ संगम दिखाता है। पर्यटक यहां की भव्यता देखने जरूर आएं- ट्रेन पकड़ना तो बहाना है! चीन ने साबित कर दिया कि रेलवे स्टेशन महल बन सकता है।









