
डिजिटल इंडिया अभियान के दौर में बैंकिंग सेवाएं अब ग्रामीण महिलाओं के लिए भी सुलभ बन रही हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ‘क्रेडिट लाइन ऑन UPI’ सुविधा लॉन्च की है, जो स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को UPI के माध्यम से तुरंत ओवरड्राफ्ट लोन उपलब्ध कराएगी। 20 मार्च 2026 को शुरू हुई यह योजना देश की पहली ऐसी पहल है, जो महिलाओं को बिना बैंक शाखा जाए छोटे-मोटे वित्तीय जरूरतों के लिए ₹5,000 तक का लोन देगी। यह सुविधा न केवल समय बचाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
नई सुविधा का परिचय
यह नई सेवा प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) खाताधारक SHG महिलाओं के लिए खासतौर पर डिजाइन की गई है। योग्य महिलाओं को उनके बैंक खाते से जुड़े ओवरड्राफ्ट अकाउंट पर सीधे UPI ऐप में क्रेडिट लाइन जोड़ दी जाती है। बस QR कोड स्कैन करें या UPI ID से भुगतान करें, और लोन राशि तुरंत इस्तेमाल हो जाती है। कोई कागजी कार्रवाई, गारंटी या लंबी प्रक्रिया नहीं- सब कुछ डिजिटल।
इससे छोटे कारोबार, दैनिक खर्च या आपात जरूरतों के लिए महिलाओं को महाजनों या साहूकारों पर निर्भर रहने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्रेडिट हिस्ट्री बनाने का भी सुनहरा अवसर प्रदान करेगी, जो भविष्य में बड़े लोन के द्वार खोलेगी।
UPI पर क्रेडिट कैसे काम करेगा?
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ‘क्रेडिट लाइन ऑन UPI’ प्लेटफॉर्म पर आधारित यह सुविधा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी प्राप्त है। बैंक पहले से तय लिमिट को UPI से लिंक करता है, जिसे BHIM, PhonePe या GPay जैसे ऐप्स से एक्सेस किया जा सकता है। उपयोग के बाद ब्याज सामान्य OD दरों पर लगेगा, और चुकौती लचीली होगी।
DAY-NRLM (दीन दयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के तहत सत्यापित SHG महिलाएं प्राथमिक लाभार्थी होंगी। बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों ने बताया कि यह योजना 1 करोड़ से अधिक SHG महिलाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन बढ़ेगा।
ग्रामीण महिलाओं को अपार लाभ
ग्रामीण महिलाओं को इससे अपार लाभ होगा। अक्सर गांवों में बैंक दूर होते हैं, दस्तावेज जुटाना मुश्किल और प्रक्रिया जटिल। लेकिन अब मोबाइल फोन से ही लोन मिलेगा, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है। इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन (IBA) और NPCI के सहयोग से शुरू यह पहल डिजिटल इंडिया को मजबूत करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे महिलाओं की बचत बढ़ेगी, उद्यमिता को बल मिलेगा और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। हालांकि, जागरूकता अभियान चलाना जरूरी होगा ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।
महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल
कुल मिलाकर, बैंक ऑफ बड़ौदा का यह ‘महिला तोहफा’ ग्रामीण भारत को डिजिटल बैंकिंग से जोड़ने की मिसाल है। आने वाले दिनों में अन्य बैंक भी ऐसी योजनाओं को अपनाएंगे, जिससे महिलाओं का सशक्तिकरण नई ऊंचाइयों को छुएगा।









