Tags

जंग के बीच सोने की कीमतों में भारी गिरावट! आखिर क्यों सस्ता हो रहा गोल्ड? कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच सोने की कीमतें 5% लुढ़क गईं! मजबूत डॉलर, बढ़ते बॉन्ड यील्ड और प्रॉफिट बुकिंग ने सेफ-हेवन सोने को सस्ता कर दिया। भारत में 24 कैरेट 10 ग्राम ₹1,58,750। चीन की खरीदारी रुकी, फेड रेट कट पर संशय। क्या लंबा युद्ध उछाल लाएगा? निवेशक सतर्क!

By Pinki Negi

जंग के बीच सोने की कीमतों में भारी गिरावट! आखिर क्यों सस्ता हो रहा गोल्ड? कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

दुनिया जब ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध की आग में जल रही है, तब सोने जैसे ‘सेफ हेवन’ की चमक फीकी पड़ रही है। आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर निवेशक शेयरों से पैसा निकालकर सोने में पार्क करते हैं, लेकिन इस बार सर्राफा बाजार उलट रुख अपना रहा है।

28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $5,300 से लुढ़ककर $5,100 के आसपास आ गया, जबकि भारत में 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर ₹1,67,000 से गिरकर ₹1,58,750 तक पहुंच गया। एक हफ्ते में 5,000 रुपये से ज्यादा की कमी! चांदी भी ₹12,000 प्रति किलो लुढ़की। आखिर युद्ध के माहौल में सोना सस्ता क्यों?

मुनाफावसूली का जबरदस्त दबाव

हालिया गिरावट की जड़ है बड़े निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग। 2025 में सोने ने ऑल-टाइम हाई ₹1,85,000+ छुआ था। रिकॉर्ड तेजी के बाद ट्रेडर्स मुनाफा कमाने लगे। युद्ध शुरू होते ही शुरुआती उछाल ($5,300+) के बाद बिकवाली शुरू हो गई। बाजार में सप्लाई बढ़ी, मांग घटी। विशेषज्ञों का कहना है कि ‘कीमतें पहले ही पीक पर पहुंच चुकी थीं, अब कैश जुटाने की होड़ है।’ भारत में होली से पहले खरीदार फायदे में हैं, लेकिन लंबे युद्ध पर निर्भर।

मजबूत डॉलर और बॉन्ड यील्ड का जाल

सोने का डॉलर से उल्टा रिश्ता जगजाहिर है। युद्ध से अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 5-सप्ताह के हाई पर पहुंचा। विदेशी निवेशकों के लिए डॉलर-मूल्यित सोना महंगा हो गया। साथ ही, अमेरिकी 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड 1.74-1.90% पर चढ़ी। ब्याज वाले बॉन्ड आकर्षक लगने लगे, सोने का ‘जीरो यील्ड’ बोझ। फेड की रेट कट उम्मीदें कम हुईं क्योंकि युद्ध से तेल महंगा (+20%), मुद्रास्फीति भय। ऊंची रेट्स सोने को दबाती हैं।

ब्याज दरों पर मंडराता संशय

मार्केट को फेड से मार्च में 50-बेसिस-पॉइंट कट की उम्मीद थी, लेकिन महंगाई डेटा (CPI 3.5%+) ने सपना तोड़ा। ऊंची रेट्स रखने से निवेशक बांड, स्टॉक्स की ओर मुड़े। सोना ‘अनप्रोडक्टिव’ एसेट माना जा रहा। ईरान युद्ध चौथे दिन में है, लेकिन डॉलर की मजबूती हावी।

चीन की खरीदारी पर ब्रेक लगी

दुनिया का सबसे बड़ा सोना खरीदार चीन ठहरा। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने 2025 में 300 टन+ सोना खरीदा, लेकिन फरवरी 2026 से रफ्तार धीमी। आर्थिक सुस्ती, स्टॉक मार्केट रिकवरी से मांग घटी। यह वैश्विक दबाव बढ़ा रहा।

भविष्य का अनुमान: उछाल या और गिरावट?

विशेषज्ञ सतर्क। अगर युद्ध लंबा खिंचा तो अनिश्चितता से सोना $5,500 तक जा सकता। लेकिन डॉलर-यील्ड मजबूत रहे तो $4,900 संभव। भारत में दिल्ली-मुंबई में 24K सोना ₹1,58,750-₹1,61,779। खरीदारी का मौका, लेकिन सलाह: SIP या 5-10 ग्राम गहने। ट्रेडर्स प्रॉफिट बुकिंग जारी रखें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें