
UIDAI आधार कार्ड धारकों को ‘बायोमेट्रिक लॉकिंग और अनलॉकिंग’ की एक बेहद सुरक्षित सुविधा प्रदान करता है। इस सर्विस के जरिए आप जब चाहें अपने फिंगरप्रिंट और आंखों के स्कैन (बायोमेट्रिक्स) को लॉक कर सकते हैं, जिससे आपकी अनुमति के बिना कोई भी आपके आधार का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।
सबसे अच्छी बात यह है कि जब भी आपको किसी काम के लिए आधार वेरिफिकेशन की जरूरत हो, तो आप इसे अस्थायी रूप से अनलॉक (Unlock) भी कर सकते हैं। यह फीचर आपके आधार डेटा को ऑनलाइन धोखाधड़ी और चोरी से बचाने के लिए एक डिजिटल ढाल की तरह काम करता है।
बायोमेट्रिक लॉक होने पर क्या होता है?
आधार बायोमेट्रिक लॉक एक्टिवेट होते ही आपके फिंगरप्रिंट, आईरिस और फेस डेटा पूरी तरह लॉक हो जाते हैं। इसके बाद कोई भी व्यक्ति या एजेंसी आपकी अनुमति के बिना आपके आधार का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी। यह फीचर बायोमेट्रिक धोखाधड़ी को रोकने के लिए सबसे सुरक्षित तरीका है। एक बार लॉक करने के बाद, आपका डेटा तब तक सुरक्षित रहता है जब तक आप उसे खुद अनलॉक (Unlock) या डिसेबल (Disable) नहीं करते।
आधार बायोमेट्रिक अनलॉक कैसे करें? जानें आसान तरीके और ज़रूरी शर्तें
अगर आपने अपना आधार बायोमेट्रिक लॉक कर दिया है, तो इसे अनलॉक करना बेहद आसान है। आप UIDAI की वेबसाइट, m-Aadhaar ऐप, या किसी भी नजदीकी आधार सेवा केंद्र (ASK) पर जाकर इसे अनलॉक कर सकते हैं। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए सबसे ज़रूरी शर्त यह है कि आपका मोबाइल नंबर आधार के साथ लिंक होना चाहिए, क्योंकि वेरिफिकेशन के लिए OTP उसी पर आएगा। यदि आपका नंबर रजिस्टर्ड नहीं है, तो आपको पहले आधार केंद्र जाकर अपना मोबाइल नंबर अपडेट करवाना होगा।
बायोमेट्रिक लॉक करने से प्राइवेसी होगी और भी मजबूत
UIDAI की बायोमेट्रिक लॉकिंग सुविधा का मुख्य उद्देश्य आपकी प्राइवेसी और डेटा की गोपनीयता को सुरक्षित करना है। यदि आप इसे एक्टिवेट कर देते हैं, तो कोई भी आपके फिंगरप्रिंट, आईरिस या फेस डेटा का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। लॉक होने के बाद यदि कोई भी आपके बायोमेट्रिक्स के जरिए ऑथेंटिकेशन की कोशिश करता है, तो सिस्टम एरर कोड ‘330’ दिखाएगा, जिसका मतलब है कि बायोमेट्रिक्स लॉक हैं। यह फीचर सुनिश्चित करता है कि आपकी जानकारी के बिना आपके आधार का कोई गलत उपयोग न हो सके।









