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City Magistrate: सिटी मजिस्ट्रेट कौन होता है और इसके पास कितनी पावर होती है? जानें इस पद तक पहुँचने का सही एग्जाम और तरीका

क्या आप प्रशासनिक सेवा में शामिल होकर शहर की कमान संभालना चाहते हैं? बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के बाद यह पद सुर्खियों में है। जानें एक पीसीएस (PCS) अधिकारी इस पद तक कैसे पहुँचता है और अतिक्रमण से लेकर कानून-व्यवस्था तक, इनके पास कितनी असीमित शक्तियाँ होती हैं।

By Pinki Negi

City Magistrate: सिटी मजिस्ट्रेट कौन होता है और इसके पास कितनी पावर होती है? जानें इस पद तक पहुँचने का सही एग्जाम और तरीका।
City Magistrate

उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद यह पद काफी चर्चा में है। सिटी मजिस्ट्रेट शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों को संभालने वाला एक महत्वपूर्ण अधिकारी होता है। प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए यह एक बेहद प्रतिष्ठित पद है। इस पद को हासिल करने के लिए अभ्यर्थी को राज्य लोक सेवा आयोग (जैसे UPPSC) की परीक्षा पास करनी होती है। चयनित होने के बाद, ये अधिकारी शहर की सुरक्षा, अतिक्रमण हटाने और आपदा प्रबंधन जैसे बड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालते हैं।

बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा

उत्तर प्रदेश के बरेली में तैनात सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री इन दिनों काफी चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में (सोमवार को) अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। प्रशासनिक सेवाओं में इस तरह के इस्तीफे कम ही देखने को मिलते हैं, जिसकी वजह से यह खबर प्रशासन और आम जनता के बीच कौतूहल का विषय बनी हुई है।

सिटी मजिस्ट्रेट कौन होता है

सिटी मजिस्ट्रेट एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो शहरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था (Law and Order) बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में, इन्हें आमतौर पर PCS (प्रान्तीय सिविल सेवा) अधिकारियों के रूप में नियुक्त किया जाता है। ये जिला मजिस्ट्रेट (DM) के निर्देशन में काम करते हैं और शहर की शांति व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने, त्योहारों के दौरान सुरक्षा प्रबंधन और आपदा राहत जैसे कार्यों का नेतृत्व करते हैं।

कैसे बनते है सिटी मजिस्ट्रेट

सिटी मजिस्ट्रेट बनने के लिए उम्मीदवार को राज्य लोक सेवा आयोग (जैसे UPPSC) द्वारा आयोजित राज्य प्रशासनिक सेवा परीक्षा (State Civil Services Exam) पास करनी होती है। यह एक अत्यंत सम्मानित पद है, जिसे पाने के लिए कड़ी मेहनत और सही रणनीति की ज़रूरत होती है। चयन की प्रक्रिया मुख्य रूप से तीन कठिन चरणों में पूरी होती है:

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims): यह पहला चरण है, जिसमें वस्तुनिष्ठ (Multiple Choice) प्रश्न पूछे जाते हैं। यह केवल अगले चरण के लिए क्वालिफाई करने हेतु होती है।
  2. मुख्य परीक्षा (Mains): प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार इसमें शामिल होते हैं। यह एक लिखित (Descriptive) परीक्षा होती है, जहाँ विषयों का गहरा ज्ञान परखा जाता है।
  3. साक्षात्कार (Interview): लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, जहाँ उनके व्यक्तित्व, निर्णय लेने की क्षमता और मानसिक सतर्कता की जांच की जाती है।

इन तीनों चरणों को पार करने के बाद, मेरिट लिस्ट के आधार पर अधिकारियों का चयन किया जाता है और प्रशिक्षण (Training) के बाद उन्हें सिटी मजिस्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर नियुक्त किया जाता है।

शहर की व्यवस्था और कानून का मुख्य रक्षक

सिटी मजिस्ट्रेट एक वरिष्ठ पीसीएस (PCS – प्रान्तीय सिविल सेवा) अधिकारी होता है, जिसकी नियुक्ति सीधे राज्य सरकार द्वारा की जाती है। शहरी प्रशासन के ढांचे में यह एक अत्यंत प्रभावशाली और शीर्ष पद है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में, सिटी मजिस्ट्रेट की मुख्य जिम्मेदारी शहरी क्षेत्र के भीतर कानून-व्यवस्था (Law and Order) को सुचारू रूप से चलाना है। जब भी शहर में किसी बड़ी सभा, विरोध प्रदर्शन या त्योहार का आयोजन होता है, तो शांति बनाए रखने का जिम्मा इन्हीं के कंधों पर होता है।

प्रशासनिक प्रोटोकॉल और कार्य

प्रशासनिक प्रोटोकॉल (Hierarchy) की बात करें तो सिटी मजिस्ट्रेट का पद एडीएम (ADM) से नीचे होता है, लेकिन शहरी क्षेत्र में इनकी शक्तियाँ एसडीएम (SDM) के समकक्ष या उससे भी प्रभावशाली मानी जाती हैं। इनका मुख्य कार्य शहरी जीवन को सुगम बनाना है। चाहे सड़क से अतिक्रमण हटाना हो या शहर में शांति व्यवस्था कायम रखना, सिटी मजिस्ट्रेट हमेशा फ्रंटलाइन पर होते हैं। विशेषकर त्योहारों और बड़े जुलूसों के दौरान, जमीन पर सबसे ज्यादा सक्रियता और सुरक्षा की जिम्मेदारी इन्हीं की होती है ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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