
भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में सरकारी नौकरियां न केवल अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि करोड़ों युवाओं की उम्मीदों का केंद्र भी हैं। साल 2026 की शुरुआत में जारी विभिन्न मंत्रालयों के आंकड़ों के विश्लेषण से यह साफ हो गया है कि तकनीकी बदलावों और निजीकरण की चर्चाओं के बावजूद, कुछ खास सरकारी विभाग आज भी देश के सबसे बड़े ‘जॉब इंजन’ बने हुए हैं।
सबसे ज्यादा नौकरियां देने वाले टॉप विभाग
1. भारतीय सेना
सुरक्षा के मोर्चे पर तैनात भारतीय सेना वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा नौकरी उत्पादक विभाग है।
- अग्निवीर और स्थाई कैडर: अग्निवीर योजना के लागू होने के बाद भर्ती के स्वरूप में बदलाव आया है। साल 2025 में ही 25,000 से अधिक पदों पर भर्तियां की गईं।
- कुल संख्या: 14 लाख से अधिक सक्रिय कर्मियों के साथ यह विभाग न केवल सुरक्षा, बल्कि रोजगार की गारंटी भी बना हुआ है।
2. भारतीय रेल
‘देश की लाइफलाइन’ कही जाने वाली भारतीय रेलवे रोजगार देने के मामले में दूसरे स्थान पर है।
- भर्ती का दायरा: रेलवे के पास लगभग 12 लाख से अधिक कर्मचारियों का कार्यबल है। ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के पदों के लिए होने वाली आरआरबी (RRB) परीक्षाएं दुनिया की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में गिनी जाती हैं।
- विस्तार: बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट और नए रेलवे कॉरिडोर के विकास के साथ तकनीकी पदों पर भर्तियों की संख्या में पिछले दो वर्षों में 15% की वृद्धि दर्ज की गई है।
3. राज्य पुलिस विभाग
जैसे-जैसे राज्यों की जनसंख्या बढ़ रही है, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल का विस्तार अनिवार्य हो गया है।
- भर्ती का ट्रेंड: उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में हर साल 40,000 से 60,000 पदों पर कॉन्स्टेबल और सब-इंस्पेक्टर की भर्तियां निकल रही हैं।
- होमगार्ड और विशेष बल: नियमित पुलिस के अलावा होमगार्ड और प्रादेशिक सशस्त्र बल (PAC) में भी बंपर नियुक्तियां की जा रही हैं।
4. शिक्षा विभाग
शिक्षण के क्षेत्र में नौकरियों का ग्राफ कभी नीचे नहीं गिरता। इसका मुख्य कारण हर साल होने वाले हजारों रिटायरमेंट हैं।
- पद: प्राथमिक शिक्षक (PRT), टीजीटी (TGT), और पीजीटी (PGT) के अलावा अब लैब असिस्टेंट और क्लर्क जैसे गैर-शिक्षण पदों पर भी भारी भर्तियां हो रही हैं।
- आंकड़ा: अकेले उत्तर प्रदेश और बिहार के शिक्षा विभागों में पिछले तीन वर्षों में रिकॉर्ड नियुक्तियां की गई हैं।
रिपोर्टर का विश्लेषण
एक अनुभवी रिपोर्टर के नजरिए से देखा जाए तो अब सरकारी विभागों में ‘सामान्य पदों’ की तुलना में ‘तकनीकी कौशल’ (Technical Skill) वाले पदों को प्राथमिकता दी जा रही है। रेलवे और सेना अब ऐसे युवाओं की तलाश में हैं जो आधुनिक तकनीक और डिजिटल सिस्टम को संभालने में सक्षम हों।









