
रंगों के त्योहार होली के अवसर पर ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ और ‘नो रूम’ (No Room) की स्थिति से निपटने के लिए भारतीय रेलवे ने कमर कस ली है। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर देशभर में 1 मार्च से 22 मार्च 2026 के बीच कुल 1410 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है। इस महा-अभियान में पूर्व मध्य रेल (ECR) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होने वाली है, जहाँ से 285 स्पेशल ट्रिप्स संचालित की जाएंगी।
पूर्व मध्य रेल का ‘होली स्पेशल’ मेगा प्लान
पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने बताया कि यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए पहले चरण में 285 ट्रिप चलाने की स्वीकृति दी गई है।
- प्रमुख रूट: दिल्ली, मुंबई, सूरत और बेंगलुरु से बिहार और उत्तर प्रदेश आने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ देखी जा रही है।
- अतिरिक्त क्षमता: यदि वेटिंग लिस्ट लंबी होती है, तो रेलवे दूसरे चरण में और भी स्पेशल ट्रेनें जोड़ने पर विचार कर रहा है।
लंबी दूरी के यात्रियों के लिए ‘हापा-नाहरलगुन’ स्पेशल
गुजरात से उत्तर-पूर्व भारत को जोड़ने वाली एक विशेष ट्रेन की घोषणा की गई है, जो यूपी और बिहार के महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरेगी:
- गाड़ी संख्या 09525 (हापा से नाहरलगुन): * परिचालन: 4 मार्च से प्रत्येक बुधवार।
- समय: हापा से 00:40 बजे प्रस्थान, अगले दिन 17:00 बजे हाजीपुर और तीसरे दिन 16:00 बजे नाहरलगुन आगमन।
- गाड़ी संख्या 09526 (नाहरलगुन से हापा): * परिचालन: 7 मार्च से प्रत्येक शनिवार।
- समय: नाहरलगुन से 09:40 बजे प्रस्थान, अगले दिन 07:15 बजे हाजीपुर और चौथे दिन 00:30 बजे हापा आगमन।
- रूट: यह ट्रेन वाराणसी, बलिया, छपरा, हाजीपुर, बरौनी और कटिहार जैसे प्रमुख जंक्शनों पर रुकेगी।
यात्रियों के लिए डिजिटल सहायता और हेल्पलाइन
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे दलालों के चक्कर में न पड़ें और आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें:
- हेल्पलाइन 139: किसी भी समय ट्रेन की स्थिति और सीट उपलब्धता जानने के लिए।
- NTES पोर्टल: नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम के जरिए लाइव लोकेशन ट्रैक करें।
- पुष्टि: यात्रा से पहले ‘IRCTC Next Generation’ ऐप पर अपनी बर्थ कन्फर्मेशन जरूर चेक करें।
सुरक्षा और सुविधा के कड़े इंतजाम
स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) के लिए आरपीएफ (RPF) की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। प्रमुख स्टेशनों पर ‘मेला कंट्रोल रूम’ स्थापित किए जाएंगे ताकि बुजुर्गों और बच्चों को चढ़ने-उतरने में कोई असुविधा न हो।









