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Home Loan की EMI बाउंस हुई तो कितना लगेगा जुर्माना? नीलामी से लेकर सिबिल स्कोर तक, जानें बैंक के कड़े नियम और बचने का तरीका

क्या आपकी होम लोन EMI मिस हो गई है? घबराएं नहीं! किस्त बाउंस होने पर लगने वाले भारी जुर्माने, सिबिल स्कोर पर असर और बैंक की नीलामी प्रक्रिया से जुड़ी पूरी सच्चाई यहाँ जानें। अपनी प्रॉपर्टी और क्रेडिट रेटिंग बचाने के आसान उपायों को समझने के लिए यह लेख अंत तक पढ़ें।

By Pinki Negi

Home Loan की EMI बाउंस हुई तो कितना लगेगा जुर्माना? नीलामी से लेकर सिबिल स्कोर तक, जानें बैंक के कड़े नियम और बचने का तरीका
Home Loan EMI Bounce

सैलरी में देरी या किसी इमरजेंसी की वजह से अगर आप होम लोन की किस्त (EMI) समय पर नहीं भर पाते हैं, तो पैनिक होने की जरूरत नहीं है। जैसे ही पेमेंट की तारीख निकलती है, बैंक का सिस्टम आपके खाते को ‘ओवरड्यू’ के रूप में दर्ज कर लेता है और आपको मैसेज या कॉल के जरिए याद दिलाना शुरू कर देता है। ध्यान रखें कि इस देरी के बदले बैंक आपसे ‘लेट पेमेंट चार्ज’ या अतिरिक्त ब्याज वसूलता है, जो आपके बकाया पर हर दिन के हिसाब से जुड़ता जाता है। पेनल्टी और कानूनी झंझटों से बचने का सबसे आसान तरीका यही है कि जितनी जल्दी हो सके, अपनी किस्त का भुगतान कर दें।

EMI में देरी होने पर सिबिल स्कोर गिर जाता है ?

अक्सर लोन लेने वालों को डर रहता है कि एक दिन भी EMI लेट हुई तो उनका क्रेडिट स्कोर खराब हो जाएगा, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। आम तौर पर बैंक 30 दिनों से ज्यादा की देरी होने पर ही इसकी जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को देते हैं। इसका मतलब है कि अगर आप एक महीने के अंदर अपना बकाया चुका देते हैं, तो आपके स्कोर पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता। हालांकि, अगर आप बार-बार किस्त लेट करते हैं, तो आपका CIBIL स्कोर तेजी से गिर सकता है। याद रखें, खराब क्रेडिट हिस्ट्री भविष्य में नया लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने की राह में बड़ी रुकावट बन सकती है।

EMI मिस होने पर क्या घर छिन जाता है? जानें बैंक के असली नियम

अक्सर लोगों में यह डर होता है कि एक भी किस्त (EMI) छूटते ही बैंक घर पर कब्जा कर लेगा या कानूनी नोटिस भेज देगा, लेकिन असलियत इससे काफी अलग है। बैंकिंग नियमों के अनुसार, एक महीने की चूक से आपका घर खतरे में नहीं पड़ता।

बैंक किसी भी लोन को तब ‘NPA’ (Non-Performing Asset) घोषित करता है, जब लगातार 90 दिनों तक भुगतान न किया गया हो। कानूनी कार्यवाही और रिकवरी की प्रक्रिया इसके बाद ही शुरू होती है। इसका मतलब है कि आपके पास स्थिति को संभालने के लिए पर्याप्त समय होता है, लेकिन लगातार लापरवाही बरतने पर बैंक सख्त कदम उठा सकता है।

EMI छूटने पर क्या करें? बैंक से बात करने के ये हैं 3 बड़े फायदे

अगर किसी वजह से आपकी होम लोन की किस्त मिस हो गई है, तो छिपने के बजाय सीधे बैंक से संपर्क करना सबसे समझदारी भरा कदम है। अपनी समस्या का सही कारण बताने से बैंक आपको राहत दे सकता है:

  • पेनल्टी से बचाव: जल्द से जल्द बकाया राशि और मामूली पेनल्टी जमा करने पर आपका खाता ‘ओवरड्यू’ से बाहर आ जाता है।
  • री-शेड्यूलिंग का विकल्प: अगर आपकी आर्थिक स्थिति लंबे समय के लिए खराब है, तो आप बैंक से लोन की अवधि (Tenure) बढ़ाने या किस्त कम करने की बात कर सकते हैं।
  • मोरेटोरियम या ग्रेस पीरियड: विशेष परिस्थितियों में बैंक आपको कुछ समय के लिए भुगतान से राहत (Moratorium) भी दे सकता है। याद रखें, बैंक के साथ खुलकर बातचीत करने से अक्सर मुश्किल का समाधान निकल आता है।
Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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