
अगर आप पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) में निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। ज्यादातर लोग मानते हैं कि PPF का समय सीमित 15 साल का होता है, लेकिन सच्चाई यह है कि मैच्योरिटी के बाद भी आप इसे अनिश्चित काल तक चला सकते हैं। सरकार की यह सुरक्षित छोटी बचत योजना आज भी सबसे भरोसेमंद विकल्प है, जहां गारंटीड रिटर्न, टैक्स छूट और कंपाउंडिंग का जबरदस्त फायदा मिलता है। अगर तुरंत पैसे की जरूरत न हो, तो लंबे समय तक एक्सटेंशन करके रिटायरमेंट या बच्चों की पढ़ाई जैसे लक्ष्यों को आसानी से पूरा कर सकते हैं। आइए, विस्तार से समझें इन नए नियमों को।
PPF खाते की विशेषताएं
PPF खाते की शुरुआती लॉक-इन अवधि 15 साल की होती है, जिसमें हर वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 500 रुपये से अधिकतम 1.5 लाख रुपये (2026 बजट के अनुसार संभवतः 2 लाख तक बढ़ा) जमा कर सकते हैं। मौजूदा ब्याज दर 7.1% सालाना है, जो तिमाही आधार पर रिव्यू होती रहती है। यह EEE (एक्जेम्प्ट-एक्जेम्प्ट-एक्जेम्प्ट) स्टेटस वाली स्कीम है- निवेश पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन, ब्याज पर कोई टैक्स नहीं और मैच्योरिटी अमाउंट भी पूरी तरह टैक्स-फ्री। एक्सटेंशन पीरियड में ये सभी लाभ बरकरार रहते हैं, जो इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए आदर्श बनाता है।
मैच्योरिटी के बाद तीन प्रमुख विकल्प
15 साल पूरे होने पर आपके पास तीन रास्ते खुले होते हैं। पहला, पूरा बैलेंस निकालकर खाता बंद कर दें- यह टैक्स-फ्री होता है। दूसरा, फॉर्म-4 या H भरकर 5-5 साल के ब्लॉक में एक्सटेंड करें। इसमें दो सब-विकल्प हैं: एक, नई जमा जारी रखें (1.5 लाख तक सालाना, 80C लाभ के साथ), जहां पुराने बैलेंस के साथ नया पैसा भी 7.1% ब्याज कमा सकता है।
दूसरा, बिना अतिरिक्त जमा के पैसिव एक्सटेंशन- यहां केवल पुराना बैलेंस ब्याज उत्पन्न करता रहता है। तीसरा, अगर एक साल के अंदर कोई फॉर्म न भरें, तो ऑटोमैटिक पैसिव मोड सक्रिय हो जाता है। ध्यान दें, एक्सटेंशन मैच्योरिटी के एक साल के भीतर बैंक या पोस्ट ऑफिस में आवेदन जरूरी है, वरना जमा अमान्य हो सकती है।
अनलिमिटेड एक्सटेंशन की खासियत
सबसे बड़ी राहत यह है कि PPF को आप जितनी बार चाहें एक्सटेंड कर सकते हैं- 20, 25, 30 साल या उससे ज्यादा। हर बार सिर्फ 5 साल का ब्लॉक, लेकिन कोई ऊपरी सीमा नहीं। अगर नई जमा के साथ एक्सटेंड करें, तो टैक्स सेविंग और कंपाउंडिंग डबल फायदा देती है। उदाहरण के लिए, 15 साल बाद 10 लाख का बैलेंस 5 साल के एक्सटेंशन में लाखों का ब्याज जोड़ सकता है। पैसिव मोड में भी ब्याज टैक्स-फ्री चलता रहता है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव से परे सुरक्षा प्रदान करता है। NRI के मामले में पुराने एक्सटेंडेड अकाउंट पर POSA रेट (लगभग 4%) लागू होता है।
निकासी और निवेश के नए नियम
एक्सटेंशन ब्लॉक के दौरान हर साल 60% बैलेंस (ब्लॉक शुरूआत के आधार पर) निकाल सकते हैं, साल में एक बार। 15 साल से पहले 7वें साल से 50% पार्शियल विथड्रॉल संभव है। फॉर्म-C भरकर प्रक्रिया आसान है। 2026 बजट ने जमा लिमिट बढ़ाई, लेकिन बेसिक नियम वही। ऑनलाइन SBI या पोस्ट ऑफिस पोर्टल से मैनेजमेंट सरल हो गया है।
एक्सटेंशन के फायदे स्पष्ट हैं- लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन, रिटायरमेंट प्लानिंग और टैक्स ऑप्टिमाइजेशन। अगर आप Meerut जैसे शहरों में रहते हैं, जहां छोटे निवेशक अधिक हैं, तो PPF को एक्सटेंड करके फाइनेंशियल फ्रीडम हासिल करें। विशेषज्ञ सलाह लें और समय पर फॉर्म जमा करें। यह स्कीम बदलते दौर में भी अपराजेय बनी हुई है।









