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Kisan e-Mitra: अब खेती में मदद करेगा ‘AI दोस्त’! जानें क्या है किसान ई-मित्र और कैसे मोबाइल पर दे रहा है हर सवाल का जवाब

AI अब खेती का दोस्त बन गया है। 'किसान ई-मित्र' चैटबॉट व्हाट्सएप पर 24x7 हिंदी-क्षेत्रीय भाषाओं में PM-KISAN स्टेटस, बीमा, मंडी रेट बता रहा है। लाखों किसान लाभान्वित, सरकारी बोझ कम। वॉयस सपोर्ट से साक्षरता बाधा दूर, खेती स्मार्ट हो रही है।

By Pinki Negi

what is kisan e mitra an ai chatbot is helping farmers and providing vital information

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब खेती के खेतों तक पहुंच चुका है। रोजमर्रा के कामों से लेकर सरकारी योजनाओं तक, AI किसानों की जिंदगी को आसान बना रहा है। केंद्र सरकार की ‘किसान ई-मित्र’ पहल इसका जीता-जागता उदाहरण है। यह वॉयस-इनेबल्ड AI चैटबॉट किसानों को PM-KISAN, फसल बीमा, लोन जैसी योजनाओं पर तुरंत जानकारी देता है, जिससे दफ्तरों की चक्कर काटने की मजबूरी खत्म हो गई है।

चैटबॉट की खासियतें

यह चैटबॉट 2023 में लॉन्च हुआ था और अब हिंदी, तमिल, तेलुगु, बांग्ला, ओडिया समेत कई क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। किसान व्हाट्सएप पर 99915 22222 नंबर पर मैसेज या आवाज में सवाल पूछ सकते हैं। चाहे PM-KISAN की किस्त स्टेटस हो, ई-KYC अपडेट हो या मंडी रेट, 24×7 जवाब मिलता है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में बताया कि यह डिजिटल असिस्टेंट योजनाओं और किसानों के बीच फासले को पाट रहा है। लाखों किसानों ने इसे अपनाया है, जिससे खेती स्मार्ट और कुशल बन रही है।

किसानों की मदद कैसे?

किसानों की सबसे बड़ी समस्या थी सरकारी स्कीमों की जानकारी में देरी। दूरदराज गांवों में इंटरनेट तो पहुंच गया, लेकिन जागरूकता कम थी। ‘किसान ई-मित्र’ इसी कमी को पूरा करता है। उदाहरण के लिए, एक उत्तर प्रदेश का किसान पूछता है, “मेरी PM-KISAN किस्त कब आएगी?” चैटबॉट आधार नंबर चेक कर तुरंत बैंक डिटेल्स बता देता है। फसल बीमा क्लेम में अटकाव हो तो स्टेप-बाय-स्टेप गाइड करता है। मौसम पूर्वानुमान या बाजार भाव जैसी सलाह भी देता है। PM-KISAN ऐप या पोर्टल पर इंटीग्रेटेड होने से ई-KYC फेस रिकग्निशन से घर बैठे हो जाता है।

AI की कृषि क्रांति

AI का कृषि में प्रवेश एक क्रांति है। यह सरकारी अमलों का बोझ कम करता है, ट्रांसपेरेंसी बढ़ाता है। पहले किसान घंटों लाइन लगाते थे, अब मोबाइल पर ही सब सॉल्व हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह टूल न सिर्फ लाभकारी योजनाओं तक पहुंच आसान बनाता है, बल्कि खेती की उत्पादकता भी बढ़ाएगा। जैसे-जैसे 5G और सस्ते स्मार्टफोन फैल रहे हैं, ग्रामीण भारत डिजिटल हो रहा है। सरकार का लक्ष्य इसे और योजनाओं से जोड़ना है, ताकि किसान आत्मनिर्भर बने।

भविष्य की संभावनाएं

हालांकि चुनौतियां बाकी हैं। साक्षरता कम वाले किसानों को वॉयस फीचर ज्यादा मददगार साबित हो रहा है। भविष्य में ड्रोन इंटीग्रेशन या पर्सनलाइज्ड फसल सलाह जोड़ी जा सकती है। ‘किसान ई-मित्र’ साबित कर रहा है कि टेक्नोलॉजी गांवों की समस्याओं का हल है। अगर आप किसान हैं, तो आज ही इसे आजमाएं- खेती का यह AI दोस्त आपकी कमाई दोगुनी कर सकता है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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