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Railway Big Changes: RAC सिस्टम खत्म? स्लीपर कोच के किराए में भी हुआ बदलाव; रेलवे ने रातोंरात बदल दिए ये 3 बड़े नियम

रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर! रेलवे ने आरएसी (RAC) सिस्टम खत्म करने के साथ ही स्लीपर कोच के किराए और कोटा नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। सफर पर निकलने से पहले इन 3 नए नियमों को जरूर जान लें, वरना जेब पर भारी पड़ेगा बोझ।

By Pinki Negi

Railway Big Changes: RAC सिस्टम खत्म? स्लीपर कोच के किराए में भी हुआ बदलाव; रेलवे ने रातोंरात बदल दिए ये 3 बड़े नियम।
Railway Big Changes

भारतीय रेलवे ने यात्रियों के सफर को सुखद बनाने के लिए अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब वंदे भारत (स्लीपर) जैसी प्रीमियम ट्रेनों में आरएसी (RAC) टिकट की व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब यात्रियों को एक ही सीट पर दो लोगों के साथ ‘आधी सीट’ पर बैठकर सफर नहीं करना होगा। रेलवे का लक्ष्य चुनिंदा आधुनिक ट्रेनों से इस सिस्टम को हटाकर सभी को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराना है। इस फैसले से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी और उनका सफर अधिक आरामदायक हो सकेगा।

वंदे भारत स्लीपर में केवल ‘कंफर्म टिकट’

रेलवे बोर्ड के नए सर्कुलर के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में अब वेटिंग या आरएसी (RAC) का झंझट खत्म हो जाएगा, क्योंकि इसमें केवल कंफर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। इस ट्रेन के लिए कम से कम 400 किमी की दूरी का टिकट लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, साधारण ट्रेनों के किराए में भी बदलाव किया गया है, जहाँ स्लीपर क्लास के लिए न्यूनतम 200 किमी (₹149) और सेकंड क्लास के लिए न्यूनतम 50 किमी (₹36) का किराया तय किया गया है। इन नए नियमों का उद्देश्य लंबी दूरी के यात्रियों को बेहतर सुविधा देना और प्रीमियम ट्रेनों में भीड़ को नियंत्रित करना है।

पर क्लास में अब मिलेंगे केवल 3 कोटे, न्यूनतम किराए की शर्त भी हुई सख्त

भारतीय रेलवे ने रिजर्वेशन नियमों को और भी कड़ा कर दिया है। अब स्लीपर क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों को न्यूनतम किराए के अलावा रिजर्वेशन और सुपरफास्ट चार्ज अलग से देना होगा। यदि कोई यात्री केवल 100 किमी का सफर करता है, तब भी उसे कम से कम 200 किमी का किराया चुकाना पड़ेगा।

इसके अलावा, कोच के भीतर कोटा व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है; अब केवल महिलाएं, दिव्यांग व्यक्ति और सीनियर सिटिजन ही विशेष कोटे का लाभ ले सकेंगे। अन्य सभी श्रेणियों के कोटे को हटा दिया गया है, जिससे सामान्य यात्रियों के लिए बर्थ आवंटन की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी हो जाएगी।

बुजुर्गों और महिलाओं को आसानी से मिलेगी लोअर बर्थ, बोर्ड ने जारी किए विशेष निर्देश

रेलवे बोर्ड ने बुजुर्गों और बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए लोअर बर्थ (नीचली सीट) के नियमों को प्राथमिकता दी है। नए सिस्टम के तहत, 60 साल से अधिक उम्र के पुरुषों और 45 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को टिकट बुकिंग के दौरान स्वतः ही लोअर बर्थ आवंटित करने का प्रयास किया जाएगा।

डीआरएम सुनील कुमार वर्मा के अनुसार, यह व्यवस्था उपलब्धता के आधार पर काम करेगी ताकि वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन में चढ़ने-उतरने में परेशानी न हो। इसके अलावा, छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली माताओं को भी सीट आवंटन में विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे पारिवारिक सफर अधिक सुरक्षित और आरामदायक बन सके।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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