
आजकल स्मार्टफोन हर किसी की जेब में कैद है, लेकिन एक छोटी सी आदत आपके पूरे बैंक बैलेंस को खतरे में डाल सकती है। ज़्यादातर लोग फोन का Wi-Fi हर वक्त ऑन रखते हैं, सोचते हैं कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स चेताते हैं कि घर से निकलते ही Wi-Fi बंद न करने से हैकर्स को आपके फोन में घुसपैठ का सुनहरा मौका मिल जाता है। भारत सरकार की CERT-In ने भी 2025 में साफ चेतावनी जारी की कि पब्लिक Wi-Fi पर बैंकिंग या फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन बिल्कुल न करें, वरना अकाउंट खाली होने का खतरा है।
Wi-Fi ऑन रखने के छिपे खतरे
फोन का Wi-Fi ऑन रहने पर यह बैकग्राउंड में लगातार नेटवर्क सर्च करता रहता है। इससे सिग्नल्स भेजे जाते हैं जो आपकी लोकेशन, डिवाइस नाम और MAC एड्रेस जैसी संवेदनशील जानकारी लीक कर देते हैं। साइबर रिसर्चर्स के मुताबिक, ये सिग्नल्स हैकर्स के लिए आसान शिकार हैं। घर से थोड़ी दूर जाते ही ‘हिडन एक्सपोजर विंडो’ खुल जाती है, जहां फोन पुराने नेटवर्क्स को ढूंढता रहता है।
इससे न सिर्फ आपकी पहचान उजागर होती है, बल्कि Evil Twin अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसमें हैकर्स असली Wi-Fi का फर्जी क्लोन बनाते हैं, जो ऑटो-कनेक्ट फोन को लुभा लेता है।
Man-in-the-Middle अटैक
सबसे घातक है Man-in-the-Middle (MitM) अटैक। पब्लिक Wi-Fi जैसे एयरपोर्ट, मॉल या कैफे में कनेक्ट होते ही हैकर आपके और बैंक सर्वर के बीच में घुसपैठ कर लेते हैं। वे पासवर्ड, OTP और ट्रांजेक्शन डिटेल्स चुरा लेते हैं। BCA बैंक की रिपोर्ट में कहा गया कि पब्लिक Wi-Fi पर बैंकिंग ऐप खोलना जोखिम भरा है। भारत में एक वायरल केस में रोहित नामक शख्स ने कैफे Wi-Fi पर UPI चेक किया, MitM से उसके क्रेडेंशियल्स चोरी हो गए और ₹1.2 लाख उड़ गए। एयरपोर्ट कैफे में एक व्यक्ति ने भी इसी तरह ₹1 लाख गंवा दिया।
भारत में बढ़ते साइबर फ्रॉड केस
2025-26 में Evil Twin Wi-Fi स्कैम्स की बाढ़ आ गई है। लिंक्डइन पर वायरल पोस्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु में कई केस सामने आए जहां ट्रैवलर्स के फोन हैक हो गए। Fact Crescendo ने रिपोर्ट किया कि एक साधारण गलती से बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। CERT-In ने एयरपोर्ट, होटल और पब्लिक स्पॉट्स पर फ्री Wi-Fi से बचने को कहा। मुंबई में एक केस में ₹1.3 लाख चोरी हो गए, हालांकि वह लिंक स्कैम था लेकिन Wi-Fi ने रास्ता आसान बनाया।
विशेषज्ञ सलाह: ऐसे बचें
साइबर एक्सपर्ट्स की एक ही सलाह- घर से बाहर निकलते ही Wi-Fi बंद कर दें। ऑटो-कनेक्ट फीचर डिसेबल करें, मोबाइल डेटा या VPN यूज करें। बैंकिंग हमेशा प्राइवेट नेटवर्क पर करें, MFA चालू रखें और ऐप्स अपडेटेड रखें। Fortinet और Kaspersky जैसी फर्म्स कहती हैं कि पब्लिक Wi-Fi अनएन्क्रिप्टेड होता है, इसलिए ब्राउजिंग डेटा लीक हो जाता है। UMA टेक्नोलॉजी ने चेताया कि डिवाइस को अनजान नेटवर्क से बचाएं।
जागरूकता ही सुरक्षा
साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहा है, 2026 में ही लाखों केस दर्ज। स्मार्ट बनें, Wi-Fi को ‘साइलेंट किलर’ न बनने दें। पुलिस और CERT-In से तुरंत शिकायत करें अगर फ्रॉड हो। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें!









