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रेलवे का कमाल का नियम! एक टिकट से कर सकते हैं अलग-अलग शहरों से यात्रा

क्या आप जानते हैं कि रेलवे के एक खास टिकट से आप 8 अलग-अलग शहरों की यात्रा कर सकते हैं? लंबी दूरी और तीर्थ यात्रा के लिए बना यह नियम न सिर्फ आपके पैसे बचाता है, बल्कि आपको 56 दिनों की लंबी वैलिडिटी भी देता है। पूरी बुकिंग प्रक्रिया यहाँ जानें।

By Pinki Negi

रेलवे का कमाल का नियम! एक टिकट से कर सकते हैं अलग-अलग शहरों से यात्रा
रेलवे का कमाल का नियम

भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को कई ऐसी सुविधाएं देता है जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, और सर्कुलर जर्नी टिकट उन्हीं में से एक है। यह टिकट उन लोगों के लिए सबसे बेहतरीन है जो एक ही यात्रा में कई तीर्थ स्थलों या अलग-अलग पर्यटन केंद्रों पर घूमना चाहते हैं।

इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको हर शहर के लिए अलग-अलग टिकट नहीं खरीदना पड़ता, जिससे समय और पैसा दोनों की बचत होती है। जानकारी के अभाव में बहुत कम लोग इसका लाभ उठा पाते हैं, लेकिन यह आपकी लंबी यात्रा को बेहद आसान और सस्ता बना सकता है।

कैसे काम करता है सर्कुलर जर्नी टिकट?

भारतीय रेलवे का सर्कुलर जर्नी टिकट एक विशेष सुविधा है, जो उसी स्टेशन पर समाप्त होती है जहाँ से शुरू हुई थी। इस टिकट की सबसे खास बात यह है कि आप एक ही टिकट पर अधिकतम 8 अलग-अलग स्टेशनों की यात्रा कर सकते हैं और इस दौरान आपको अलग-अलग ट्रेनें बदलने की भी आजादी मिलती है। यह उन यात्रियों के लिए एक मास्टरस्ट्रोक है जो एक लंबा टूर या तीर्थ यात्रा प्लान कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें हर पड़ाव के लिए नया टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ती। अंत में, यात्री घूम-फिरकर वापस अपने शुरुआती स्टेशन पर लौट आता है।

कम किराए में 56 दिनों तक घूमने की आजादी

रेलवे के नियमों के मुताबिक, सर्कुलर जर्नी टिकट पूरे 56 दिनों के लिए वैध होता है, जिससे आप बिना किसी जल्दबाजी के आराम से रुक-रुक कर अपना सफर पूरा कर सकते हैं। इस टिकट का सबसे बड़ा आर्थिक लाभ टेलिस्कोपिक दरें हैं; इसका मतलब है कि आप जितनी लंबी दूरी तय करेंगे और जितने अधिक स्टेशनों को जोड़ेंगे, प्रति किलोमीटर किराया उतना ही कम होता जाएगा। बार-बार अलग-अलग टिकट बुक कराने के मुकाबले यह तरीका न केवल सस्ता पड़ता है, बल्कि यात्रियों को बार-बार बुकिंग के झंझट से भी बचाता है।

सर्कुलर जर्नी टिकट

सर्कुलर जर्नी टिकट की एक बड़ी खूबी यह है कि यह स्लीपर क्लास से लेकर फर्स्ट एसी तक सभी श्रेणियों के लिए उपलब्ध है। चाहे आप अकेले यात्रा कर रहे हों या पूरे ग्रुप के साथ, आप इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा, रेलवे के नियमों के अनुसार यदि आपकी यात्रा कम से कम 1000 किलोमीटर लंबी है, तो वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को किराए में विशेष छूट भी दी जाती है। यह लचीलापन और रियायत इस टिकट को हर उम्र के यात्रियों के लिए एक किफायती विकल्प बनाती है।

कैसे बनवाएं सर्कुलर जर्नी टिकट?

सर्कुलर जर्नी टिकट सामान्य टिकटों की तरह सीधे काउंटर से नहीं मिलता। इसके लिए यात्रियों को सबसे पहले अपना पूरा यात्रा रूट (Travel Route) तय करके रेलवे के मंडल वाणिज्य प्रबंधक या स्टेशन अधिकारियों को देना होता है। आपके रूट के आधार पर रेलवे अधिकारी किराए की गणना करते हैं और आपको एक फॉर्म देते हैं। इसके बाद आप स्टेशन के टिकट काउंटर पर जाकर अपना मुख्य टिकट खरीद सकते हैं। एक बार टिकट मिल जाने के बाद, आप अपनी यात्रा के अलग-अलग चरणों के लिए सीटों का रिजर्वेशन (Reservation) आसानी से करवा सकते हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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