
अग्निपथ योजना ने सेना में नौजवानों को नया जोश दिया, लेकिन अब असली सवाल ये है कि 4 साल बाद क्या? जून 2022 से शुरू हुई ये स्कीम 17-21 साल के लड़कों को अग्निवीर बनाकर 4 साल की सर्विस देती है। 25% को तो परमानेंट नौकरी मिलेगी, लेकिन 75% समाज में लौटेंगे। 2026 में पहला बैच बाहर हो रहा – उनके लिए सर्टिफिकेट, जॉब्स में रिजर्वेशन जैसी बातें ताजा हैं। चलो, दोस्ताना अंदाज में समझते हैं।
रिटायरमेंट पर मिलेगा ये खास सर्टिफिकेट
यारों, रिटायर हो रहे 75% अग्निवीरों को ‘अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट’ हाथ लगेगा। ये कोई साधारण कागज नहीं, बल्कि डिटेल्ड डॉक्यूमेंट है जो 4 साल की ट्रेनिंग, स्किल्स और कम्पेटेंसीज को प्रमाणित करेगा। चाहे CAPF हो या राज्य पुलिस, इस सर्टिफिकेट से प्रायोरिटी मिलेगी। कई राज्य पहले ही 10% क्वोटा, एज रिलैक्सेशन दे चुके। ये सर्टिफिकेट जॉब हंटिंग का पासपोर्ट बनेगा!
पूर्व सैनिक स्टेटस?
सोच रहे हो ना, रिटायरमेंट बाद CDS कैंटीन, लाइफटाइम मेडिकल मिलेगा? दुखद सच ये कि अग्निवीर ‘पूर्व सैनिक’ नहीं कहलाएंगे। आर्मी गाइडलाइंस क्लियर हैं – 4 साल वाली सर्विस पर ये बेनिफिट्स नहीं। न CDS एक्सेस, न फ्री मेडिकल उनके और फैमिली के लिए। 25% परमानेंट वाले ही एग्जीक्टिव ESM (Ex-Servicemen) बनेंगे। बाकियों को स्किल सर्टिफिकेट ही सहारा।
जॉब्स में रिजर्वेशन और एज रिलैक्सेशन का फायदा
फिर भी निराशा मत पालो! CISF, BSF, CRPF में 10% क्वोटा है। UP, Haryana जैसे राज्यों ने 5 साल एज छूट दी – पहले बैच को ज्यादा। फिजिकल टेस्ट्स में भी रियायत। प्राइवेट सेक्टर में स्किल्स काम आएंगी – सिक्योरिटी, लॉजिस्टिक्स में डिमांड। सरकारें ट्रेनिंग प्रोग्राम्स चला रही। 11.71 लाख का सेविंग फंड भी मिलेगा टैक्स-फ्री।
आगे की राह
दोस्त, अग्निपथ ने ट्रेंड सेट किया लेकिन विवाद भी। 75% के री-एब्जॉर्बमेंट पर सवाल उठे। सरकार कहती है, ये युवाओं को जॉब रेडी बनाएगा। रिटायर अग्निवीर स्ट्रॉन्ग रहो – देश सेवा का बैज दिल में रखो। अगर भर्ती की सोच रहे हो, तो अपडेट्स चेक करते रहो। क्या लगता है, प्लान बदलेगा?









