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UP’s Giant Pond: यूपी के इस जिले में है एशिया का सबसे बड़ा तालाब! कई किलोमीटर में फैला है यह जलस्रोत; जानें इसका नाम

क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के एक जिले में 'एशिया का सबसे बड़ा तालाब' स्थित है? 34 वर्ग किलोमीटर में फैला यह विशाल जलाशय किसी समुद्र से कम नहीं दिखता। जीके के बड़े-बड़े धुरंधरों को उलझा देने वाले इस जादुई ताल का नाम और रहस्य जानने के लिए आगे पढ़ें।

By Pinki Negi

UP's Giant Pond: यूपी के इस जिले में है एशिया का सबसे बड़ा तालाब! कई किलोमीटर में फैला है यह जलस्रोत; जानें इसका नाम।
UP’s Giant Pond

भारत जलाशयों का देश है, जहाँ जल शक्ति मंत्रालय की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार 24 लाख से भी ज़्यादा जल स्रोत मौजूद हैं। इनमें से आधे से अधिक यानी 55% सिर्फ तालाब हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि उत्तर प्रदेश के एक खास जिले में एशिया का सबसे विशाल तालाब स्थित है? यह तथ्य न केवल यूपी के लोगों के लिए गर्व की बात है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। अगर आप अब तक इस जिले के नाम और इस ऐतिहासिक तालाब की पहचान से अनजान हैं, तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या आप जानते हैं यूपी में कहां है एशिया का सबसे बड़ा तालाब?

भारत में भोजताल से लेकर नैनीताल तक कई प्रसिद्ध झीलें और तालाब हैं, जो अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं। लेकिन जब बात एशिया के सबसे बड़े तालाब की आती है, तो बड़े-बड़े सामान्य ज्ञान (GK) के धुरंधर भी चकरा जाते हैं। उत्तर प्रदेश के एक खास जिले में स्थित यह विशाल जलाशय अपनी लंबाई और विस्तार के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। अगर आप भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या अपनी जानकारी बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको इस अद्भुत तालाब और इसके फैलाव के बारे में जरूर जानना चाहिए।

बलिया का ‘सुरहा ताल’

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित ‘सुरहा ताल’ को एशिया के सबसे बड़े तालाबों में गिना जाता है। इसे जय प्रकाश नारायण पक्षी विहार के नाम से भी जाना जाता है। बलिया शहर से लगभग 17 किलोमीटर दूर स्थित यह विशाल जलाशय 34.32 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैला है। यह एक प्राकृतिक ‘गोखुर झील’ (Oxbow Lake) है, जो न केवल अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि हर साल हजारों मील दूर से आने वाले प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा बसेरा भी है।

मानसून में ‘सुरहा ताल’ बन जाता है एक छोटा समंदर

सुरहा ताल की सबसे बड़ी विशेषता इसका नदियों से जुड़ाव है। यह विशाल जलाशय लगभग 23 किलोमीटर लंबे कटहर नाले के जरिए पवित्र गंगा नदी से जुड़ा हुआ है। जब मानसून आता है, तो गंगा और सरयू नदियों के बाढ़ का पानी इसी नाले के रास्ते सुरहा ताल में भर जाता है। यही कारण है कि बारिश के दिनों में इसका जल स्तर काफी बढ़ जाता है और यह एक विशाल झील की तरह दिखाई देने लगता है, जो खेती और पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

सुरहा ताल के ‘स्वर्ग’ बनने की कहानी

सुरहा ताल केवल पानी का भंडार नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं के लिए एक सुरक्षित घर है। इसकी महत्ता को देखते हुए साल 1991 में इसे आधिकारिक तौर पर पक्षी विहार घोषित किया गया था। यह विशाल जलाशय मछलियों, कछुओं और सैंकड़ों प्रकार की जल वनस्पतियों से भरा हुआ है। यहाँ की पारिस्थितिकी इतनी समृद्ध है कि इसे जलीय जीवों और दुर्लभ पक्षियों के लिए ‘धरती का स्वर्ग’ माना जाता है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह यूपी का सबसे शानदार कोना है।

काशी वन्य जीव प्रभाग की एक अनूठी धरोहर

सुरहा ताल की महत्ता इसी बात से समझी जा सकती है कि इसे काशी वन्य जीव प्रभाग द्वारा ‘जयप्रभा पक्षी अभ्यारण्य’ के रूप में संरक्षित किया गया है। यह क्षेत्र न केवल जलीय जीवों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ पक्षियों के लिए एक विशेष सुरक्षित आवास (Sanctuary) बनाया गया है। यदि आप पक्षी प्रेमी हैं या फोटोग्राफी का शौक रखते हैं, तो यहाँ आपको पक्षियों की ऐसी प्रजातियाँ देखने को मिलेंगी जो देश में बहुत कम जगहों पर पाई जाती हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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