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The Lost Country: एक देश जिसके हुए 7 टुकड़े और दुनिया के नक्शे से मिट गया नाम! जानें ‘युगोस्लाविया’ के टूटने की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी।

यूगोस्लाविया, दक्षिणी स्लावों का मजबूत देश, टीटो की मौत (1980) के बाद जातीय राष्ट्रवाद की आग में सुलग उठा। 1991 से शुरू टूटफूट ने स्लोवेनिया, क्रोएशिया, बोस्निया (स्रेब्रेनिका नरसंहार), मैसेडोनिया, मॉंटेनेग्रो, सर्बिया और कोसोवो- सात देश बना दिए। 2 लाख मौतें, 40 लाख बेघर; दुनिया के नक्शे से नाम मिट गया।

By Pinki Negi

The Lost Country: एक देश जिसके हुए 7 टुकड़े और दुनिया के नक्शे से मिट गया नाम! जानें 'युगोस्लाविया' के टूटने की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी।

ट्रेंडिंग GK क्विज का सवाल जोरों पर है, दक्षिण-पूर्व यूरोप का वो देश, जो एक नहीं, पूरे सात टुकड़ों में बँट गया और नामोनिशान मिट गया! नाम था ‘यूगोस्लाविया’ दक्षिण स्लावों की धरती। जोसिप ब्रोज टीटो के नेतृत्व में 1945-1980 तक मजबूत खड़ा रहा, लेकिन उनकी मौत के बाद राष्ट्रवाद की आग ने इसे राख कर दिया। 2 लाख से ज्यादा मौतें, 40 लाख बेघर यह 90 के दशक का सबसे खूनी विभाजन था। आइए, इस रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी को समझें।

यूगोस्लाविया छह गणराज्यों (सर्बिया, क्रोएशिया, बोस्निया-हर्जेगोविना, स्लोवेनिया, मॉंटेनेग्रो, मैसेडोनिया) और दो स्वायत्त प्रांतों (कोसोवो, वॉयवोदिना) से बना था। टीटो ने ‘भाईचारा-एकता’ का मंत्र दिया, लेकिन उनकी 1980 में मौत के बाद आर्थिक संकट, महंगाई और जातीय तनाव भड़के। स्लोबोडान मिलोशेविच जैसे नेताओं ने सर्ब राष्ट्रवाद को हवा दी, कोसोवो की स्वायत्तता 1989 में छीन ली। शीत युद्ध खत्म होने से पश्चिमी देशों ने अलगाववादियों का साथ दिया।

1991: स्लोवेनिया-क्रोएशिया की बगावत

25 जून 1991 को स्लोवेनिया और क्रोएशिया ने स्वतंत्रता घोषित की। स्लोवेनिया में 10-दिवसीय युद्ध में यूगोस्लाव सेना (JNA) हार गई। क्रोएशिया में खूनी संघर्ष छिड़ा-वुकोवर नरसंहार में 260 नागरिक मारे गए। 20,000 से ज्यादा मौतें हुईं। सर्बों ने ‘क्रायिना’ क्षेत्र कब्जा लिया। सितंबर में मैसेडोनिया भी चला गया।

1992-95: बोस्निया का नरसंहार

मार्च 1992 में बोस्निया ने 99% वोट से आजादी ली, लेकिन सर्बों ने जनसंहार शुरू कर दिया। सराजेवो पर 1425 दिनों की घेराबंदी- दुनिया ने देखा। स्रेब्रेनिका (1995) में 8,000 मुस्लिम पुरुषों का कत्लेआम- यूरोप के बाद द्वितीय विश्व युद्ध का सबसे बड़ा नरसंहार। राडोवान काराडजिच और रत्नको म्लाडिच को हेग ट्रिब्यूनल ने उम्रकैद दी। डेटन समझौता (1995) ने बोस्निया को दो इकाइयों में बाँटा। कुल 1 लाख मौतें।

1998-99: कोसोवो पर NATO की बमबारी

कोसोवो के अल्बानियाई UCK ने विद्रोह किया। मिलोशेविच की सेना ने जातीय सफाई की-13,000 मरे। NATO ने 78 दिनों तक बेलग्रेड पर बम गिराए (600 विमान, 1,300 हमले)। मिलोशेविच गिरफ्तार हुए, 2006 में ट्रायल में मरे। कोसोवो 2008 में स्वतंत्र (आंशिक मान्यता)।

सर्बिया-मॉंटेनेग्रो का अलगाव

1992 में सर्बिया-मॉंटेग्रो ने ‘फेडरल रिपब्लिक’ बनाई। 2003 में ‘सर्बिया-मॉंटेनेग्रो’, लेकिन 2006 में मॉंटेनेग्रो जनमत से अलग हो गया। यूगोस्लाविया नाम मिटा-सात देश बने: स्लोवेनिया, क्रोएशिया, बोस्निया-हर्जेगोविना, उत्तर मैसेडोनिया, मॉंटेनेग्रो, सर्बिया, कोसोवो। GDP 50% गिरी, घाव आज भी ताजा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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