
हाल के दिनों में कई भारतीय शहरों में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर भारी परेशानी सामने आ रही है। वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते गैस कीमतों में उछाल आ गया है। दिल्ली में 14.2 किग्रा घरेलू सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़कर 913 रुपये हो गई, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपये महंगा होकर 1883 रुपये तक पहुंचा।
नोएडा, लखनऊ, पुणे जैसे शहरों में एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं, होटल-रेस्टोरेंट भी संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है- खाना बनाने के लिए गैस या इंडक्शन, कौन सा सबसे सस्ता जुगाड़ है? डीप रिसर्च बताती है कि इंडक्शन कई मामलों में गैस से सस्ता साबित हो रहा है, खासकर बिना सब्सिडी वालों के लिए।
कैसे काम करते हैं दोनों विकल्प
एलपीजी चूल्हे में गैस जलने से लौ पैदा होती है, जो बर्तन को गर्म करती है, लेकिन 50-65% ऊर्जा आसपास की हवा में बर्बाद हो जाती है। इसकी दक्षता महज 35-45% रहती है। दूसरी ओर, इंडक्शन कुकटॉप बिजली से चुंबकीय क्षेत्र बनाता है, जो सीधे बर्तन के तल को गर्म करता है। यहां ऊर्जा हानि न्यूनतम होती है, दक्षता 80-90% तक पहुंच जाती है। नतीजा- कम बिजली में ज्यादा काम। उदाहरणस्वरूप, 1 लीटर पानी उबालने में गैस पर 54 पैसे लगते हैं, जबकि इंडक्शन पर 40 पैसे।
खर्च में कितना फर्क पड़ता है
14.2 किग्रा एलपीजी सिलेंडर 900-1100 रुपये का आता है, जो सामान्य परिवार को 25-30 दिन चलता है। बिना सब्सिडी पर महीने का खर्च 1000 रुपये तक। बिजली 4-8 रुपये/यूनिट पर, रोज 2-3 घंटे कुकिंग करने वाले परिवार को इंडक्शन पर 650-900 रुपये ही लगते हैं। यूट्यूब टेस्ट और रिपोर्ट्स में 10-35% तक की बचत दर्ज हुई। सालाना 2-4 सिलेंडर की सेविंग से 2000-4000 रुपये बच सकते हैं। हालांकि, सब्सिडी वाले LPG पर मामला बराबर रहता है।
शोध क्या कहते हैं
ऊर्जा अध्ययनों में बिना सब्सिडी LPG को बिजली से महंगा पाया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, शहरों में सामान्य परिवार का सालाना इलेक्ट्रिक कुकिंग खर्च 5800 रुपये, जबकि गैस पर 8000 रुपये तक। इंडक्शन की हाई एफिशिएंसी से छोटी-छोटी सेविंग्स जमा होकर बड़ा फर्क डालती हैं। 2026 की ताजा रिपोर्ट्स में LPG महंगा होने से इंडक्शन को बढ़ावा मिला है।
फिर भी LPG क्यों पसंद है लोगों को
इंडक्शन सस्ता होने पर भी बिजली कटौती वाले इलाकों में गैस प्राथमिक है। रोटी फूलाना, तड़का लगाना जैसी देसी स्टाइल गैस पर आसान। इंडक्शन को मैग्नेटिक बेस बर्तन चाहिए, पावर कट में बंद। यही वजह है कि 80% घरों में LPG मुख्य है।
हजारों बचाने का प्रैक्टिकल जुगाड़
हाइब्रिड अप्रोच अपनाएं- भारी कुकिंग (दाल, चावल) इंडक्शन पर, तड़का-रोटी गैस पर। इससे LPG खपत 20-30% कम। 1800-2100 वॉट इंडक्शन लें, फ्लैट बेस बर्तन यूज करें। गैस बचाने को प्रेशर कुकर, कम फ्लेम अपनाएं। साल में 2-4 सिलेंडर बचत से हजारों रुपये जेब में। LPG संकट में ये स्मार्ट शिफ्ट रसोई बजट बचा सकता है।









