
भारत 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों का एक ऐसा विशाल देश है, जहाँ की 147 करोड़ से अधिक की आबादी विभिन्न संस्कृतियों और पहचानों को खुद में समेटे हुए है। जहाँ उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, वहीं क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य कौन-सा है? दरअसल, पूर्वोत्तर में स्थित खूबसूरत सिक्किम भारत का सबसे कम आबादी वाला राज्य है।
इसके बाद दूसरे स्थान पर मिजोरम आता है, जिसकी जनसंख्या भी अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम है। विविधताओं से भरे हमारे देश में ये छोटे राज्य अपनी शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में पहचाने जाते हैं।
भारत का सबसे शांत कोना
भारत के 28 राज्यों की बात करें, तो सिक्किम देश का सबसे कम आबादी वाला राज्य है। पूर्वोत्तर की पहाड़ियों में बसा यह छोटा सा राज्य अपनी कम जनसंख्या के कारण बेहद शांत और प्रदूषण मुक्त है। लेकिन कम आबादी का मतलब यह नहीं कि यह राज्य किसी से पीछे है; सिक्किम अपनी अद्भुत जैव विविधता (Biodiversity) और पूरी तरह से जैविक खेती (Organic Farming) करने वाला देश का पहला राज्य होने के लिए विश्व प्रसिद्ध है। प्रकृति की गोद में बसा यह राज्य कम लोगों और ज्यादा हरियाली के साथ भारत की एक अनूठी पहचान पेश करता है।
भारत के सबसे छोटे राज्यों में सिक्किम का स्थान
2011 की जनगणना के अनुसार, सिक्किम की कुल आबादी मात्र 6.1 लाख थी। साल 2020 के अनुमानित आंकड़ों को देखें तो यह बढ़कर लगभग 6,71,720 हो गई है, जो इसे भारत का सबसे कम आबादी वाला राज्य बनाए रखती है। आबादी के मामले में नंबर एक (सबसे कम) होने के साथ-साथ, क्षेत्रफल (एरिया) के लिहाज से भी यह गोवा के बाद भारत का दूसरा सबसे छोटा राज्य है। कम जनसंख्या और सीमित भौगोलिक विस्तार के बावजूद, यह राज्य अपनी खुशहाली और विकास के लिए जाना जाता है।
कम आबादी वाला ‘सेवन सिस्टर्स’ का खूबसूरत हिस्सा
सिक्किम के बाद मिजोरम भारत का दूसरा सबसे कम आबादी वाला राज्य है। पूर्वोत्तर भारत के ‘सेवन सिस्टर्स’ (Seven Sisters) में शामिल यह राज्य अपनी ऊँची पहाड़ियों और घने जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। 2011 की जनगणना के अनुसार, यहाँ की जनसंख्या लगभग 10.91 लाख थी, जो 2020 के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार बढ़कर करीब 12.07 लाख हो गई है। अपनी कम आबादी के कारण मिजोरम में प्राकृतिक संतुलन बना हुआ है और यह भारत के सबसे साक्षर और शांतिपूर्ण राज्यों में गिना जाता है।
जनसंख्या का ‘महासागर’ उत्तर प्रदेश
जब बात आबादी की आती है, तो भारत का उत्तर प्रदेश राज्य सबसे शीर्ष पर है। 2011 की जनगणना के अनुसार, यहाँ की जनसंख्या लगभग 19.98 करोड़ थी, लेकिन पिछले एक दशक में इसमें भारी बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान (2025-2026) के अनुमानों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की आबादी अब 24 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। विविधता और ऊर्जा से भरा यह राज्य न केवल भारत का सबसे अधिक आबादी वाला प्रदेश है, बल्कि अगर यह एक देश होता, तो दुनिया के सबसे अधिक जनसंख्या वाले टॉप 5 देशों की सूची में शामिल होता।
भारत के राज्यों का जनसंख्या प्रोफाइल (2025-26)
जब आप UPSC, SSC या बैंक जैसी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, तो अक्सर ‘सिक्किम’ और ‘उत्तर प्रदेश’ से जुड़े सवाल देखने को मिलते हैं। सिक्किम जहाँ ‘सबसे कम आबादी’ के लिए जाना जाता है, वहीं उत्तर प्रदेश ‘सर्वाधिक आबादी’ के लिए। नीचे दी गई टेबल से आप मुख्य अंतर समझ सकते हैं:
सबसे कम और सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य
| श्रेणी | राज्य (सबसे कम) | राज्य (सर्वाधिक) |
| नंबर 1 | सिक्किम (लगभग 6.7 लाख) | उत्तर प्रदेश (लगभग 24 करोड़+) |
| नंबर 2 | मिजोरम (लगभग 12 लाख) | महाराष्ट्र (लगभग 12.9 करोड़+) |
| नंबर 3 | अरुणाचल प्रदेश | बिहार (लगभग 13.2 करोड़+) |









