
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) भारत सरकार की कृषि संबंधी जरूरतों के लिए ऋण उपलब्ध करवाने वाली एक सरकारी योजना है, जिसके जरिए किसानों को खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े खर्चों के लिए कम ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाता है। ऐसे में किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर कुछ समय से सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर एक खबर तेजी से फैल रही है की सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड पर लगने वाला ब्याज पूरी तरह माफ कर दिया है।
यह भी देखें: PM Kisan Yojana ही नहीं, सरकार चला रही है ये 5 जबरदस्त योजनाएं, किसानों को मिल रही लाखों की मदद
लेकिन ऐसा नहीं है असल में यह जानकारी थोड़ी अलग है, सरकार ने किसानों के ब्याज को पूरी तरह खत्म नहीं किया है, बल्कि किसानों को पहले से मिल रही रियायती ब्याज दर को आगे भी जारी रखा है।
सरकार ने माफ किया ब्याज दर?
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत सरकार किसानों को 3 लाख रूपये तक का शार्ट टर्म क्रॉप लोन पर 7% प्रति वर्ष सामान्य ब्याज प्रदान करती है। लेकिन सरकार किसानों के बोझ को हल्का करने के लिए ब्याज को सीधे कम नहीं करती, बल्कि दो तरह की राहत देती है, पहला सरकार बैंकों को 1.5% ब्याज सब्सिडी देती है, जिसका लाभ किसानों को सीधे किसानों को मिलता है। वहीँ अगर किसान अपना फसल ऋण समय से चुका देते हैं तो उसे 3% प्रोम्प्ट रीपेमेंट इन्सेंटिव मिलता है।
यह भी देखें: PM Awas के नाम पर पैसे माँगे जा रहे हैं? यहाँ शिकायत करें- तुरंत कार्रवाई होगी
किसानों को अंत में देना होता है इतना ब्याज
सरकार द्वारा दी जाने वाले छूट के बाद किसानों के पास एफ्फेक्टिव इंटरेस्ट रेट रह जाता है, जो केवल 4% प्रतिवर्ष है यानी Zero नहीं लेकिन बढ़ ही कम ब्याज, जो किसी भी सामान्य बैंक लोन से कई गुना सस्ता है।
क्या है सरकार का नया अपडेट
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मोडिफाईड इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम (MISS) को जारी रखने की मंजूरी दे दी है, इसका मतलब है की किसानों को पहले की तरह रियायती ब्याज मिलता रहेगा। समय पर भुगतान करने वाले किसानों को 3% बोनस में छूट मिलेगी। वहीं 4% ब्याज वाला KCC लोन आगे भी जारी रहेगा।
यह भी देखें: Rashtriya Parivarik Labh Yojana: बेसहारा परिवारों के लिए बनी यह योजना, मिलती है ₹30,000 की मदद









