
अगर आपको लगता है कि भारत में हर त्योहार पर छुट्टी मिल जाती है, तो आप बिल्कुल सही सोचते हैं। अपनी सांस्कृतिक, धार्मिक और क्षेत्रीय विविधता के कारण भारत सार्वजनिक छुट्टियों के मामले में दुनिया के 190 देशों में टॉप पर है। 2026 में कुल 42 पब्लिक हॉलिडे के साथ भारत नंबर वन बना हुआ है, जो वैश्विक औसत (13 छुट्टियां) से कहीं ज्यादा है। केंद्र सरकार के 17 गजटेड अवकाश, राज्य-स्तरीय त्योहार और रीजनल पर्व मिलाकर यह संख्या इतनी ज्यादा हो जाती है।
यह उपलब्धि भारत की ‘अनेकता में एकता’ को दर्शाती है। तीन राष्ट्रीय छुट्टियां- गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त), गांधी जयंती- सभी के लिए अनिवार्य हैं। इसके अलावा होली, दिवाली, ईद, क्रिसमस, दशहरा जैसे धार्मिक त्योहार राज्यवार छुट्टी बन जाते हैं। स्कूल-कॉलेज में गर्मी लंबी (40-50 दिन), ऑफिसों में 17+12 वैकल्पिक अवकाश। रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह विविधता ही भारत को ‘त्योहारों की राजधानी’ बनाती है।
वैश्विक रैंकिंग: भारत टॉप पर, पड़ोसी पीछे
प्यू रिसर्च और अन्य वैश्विक इंडेक्स के अनुसार 2026 की टॉप लिस्ट:
| रैंक | देश | छुट्टियां (वार्षिक) |
|---|---|---|
| 1 | भारत | 42 |
| 2 | नेपाल | 35 |
| 3 | म्यांमार | 30 |
| 4 | ईरान | 26 |
| 5 | श्रीलंका | 25 |
नेपाल दूसरे स्थान पर है, जहां विक्रम संवत और दशैं-तिहार जैसे लंबे त्योहार 35 छुट्टियां देते हैं। ईरान में नौरोज, म्यांमार में थिंगयान वॉटर फेस्टिवल प्रमुख हैं। श्रीलंका की खासियत ‘पोया डे’- हर पूर्णिमा पर 12 छुट्टियां। इसके उलट, कम छुट्टियों वाले देश: वियतनाम (6), मेक्सिको (8), ब्रिटेन (10), अमेरिका (11), नीदरलैंड (9)।
भारत क्यों नंबर वन?
भारत का टॉप स्पॉट सांस्कृतिक प्लूरलिज्म की देन है। 17 राजपत्रित छुट्टियां (जैसे महाशिवरात्रि, ईद-उल-फित्र) केंद्र से, बाकी राज्य जोड़ते हैं- केरल में पोंगल, गुजरात में नवरात्रि। स्कूलों में CBSE के 15-20+ गर्मी अवकाश, प्राइवेट ऑफिसों में 12-15। ध्यान दें: कुछ रिपोर्ट्स सिर्फ नेशनल गिनती हैं, लेकिन कुल मिलाकर भारत आगे।
2026 की प्रमुख छुट्टियां
केंद्र सरकार ने कैलेंडर जारी किया:
- जनवरी: लोहड़ी, गणतंत्र दिवस।
- मार्च-अप्रैल: होली, महाशिवरात्रि, गुड फ्राइडे।
- अगस्त: रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस।
- अक्टूबर: दशहरा, दीवाली, ईद-ए-मिलाद।
- दिसंबर: क्रिसमस।
स्कूल-ऑफिस वालों की खुशी
स्कूल-कॉलेज में 40-50 कुल छुट्टियां, ऑफिसों में वार्षिक अवकाश अलग। लेकिन रविवार पर त्योहार पड़ने से ‘खराब छुट्टी’ की शिकायत आम। अर्थव्यवस्था पर असर? विशेषज्ञ कहते हैं, विविधता से उत्पादकता संतुलित रहती है। 2026 में यह ट्रेंड जारी- भारत छुट्टियों का बादशाह बना रहेगा!









