
गर्मी का मौसम आते ही घरों में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है. इस साल तो मार्च का महीना शुरू होते ही तेज गर्मी महसूस होने लगी है और लोगों ने AC चलाना शुरू भी कर दिया है। आने वाले महीनों में तापमान और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे AC का प्रयोग भी अधिक होगा। लेकिन इसके साथ ही बिजली का बिल भी आसमान छूने लगता है। साथ ही, AC में ज्यादा देर तक रहने से सेहत पर भी खराब असर पड़ता है। गतुक विशेषज्ञों की मानें तो सही तापमान और समझदारी से AC चलाने पर आप अपने बिजली बिल को आधा तक कर सकते हैं।
सबसे कम बिजली किस तापमान पर खर्च होती है?
बिजली बचत का सबसे बड़ा राज है- AC का तापमान 24°C से 26°C के बीच रखना. भारत में ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के अनुसार इंसानी शरीर के लिए आदर्श तापमान 24 डिग्री सेल्सियस है. विशेषज्ञों का कहना है कि AC को 24°C पर सेट करने से बिजली की खपत में करीब 6% तक कमी आती है. जबकि 16°C या 18°C पर चलाने की तुलना में 24°C पर चलाने से लगभग 48% तक बिजली की बचत हो सकती है।
हर 1°C तापमान बढ़ाने पर स्प्लिट AC की ऊर्जा खपत 6% घटती है. इसलिए 27°C पर सेट करने से बिल में 30% तक कमी आ सकती है। यह गलतफहमी भी दूर करनी होगी कि 16-18°C पर चलाने से कमरा जल्दी ठंडा हो जाएगा. हकीकत तो यह है कि इससे कंप्रेसर लगातार चलता है और बिजली इतनी ही बर्बाद होती है।
AC को कितने घंटे लगातार चलाना चाहिए?
AC को बहुत लंबे समय तक लगातार चलाना ठीक नहीं माना जाता. आमतौर पर 6 से 8 घंटे तक AC चलाना सुरक्षित और बीजर रहता है । इससे ज्यादा समय तक लगातार चलाने से मशीन की परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है और कंप्रेसर जल्दी खराब हो सकता है। बेहतर तरीका यह है कि जब कमरा अच्छी तरह ठंडा हो जाए, तो AC को कुछ समय के लिए बंद कर दें और पंखे पर भरोसा करें।
ज्यादा AC में रहने के सेहत पर नुकसान
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ओबेसिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय तक AC में रहने से शरीर की कैलोरी कम बर्न होती है। जब हम ठंडी हवा में रहते हैं तो शरीर को तापमान संतुलित रखने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। इसके कारण कैलोरी बर्न होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और मोटापा बढ़ सकता है। इसलिए दिनभर AC में रहने की आदत से बचना चाहिए. साथ ही, ज्यादा ठंडी हवा से त्वचा सूख सकती है, सांस लेने में तकलीफ हो सकती है और मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है।
1.5 टन AC का वास्तविक बिजली खर्च
अगर आपके कमरे में 1.5 टन का AC लगा है, तो यह प्रति घंटे लगभग 2.25 यूनिट बिजली खर्च करता है (पैलेट AC). आधुनिक 5-स्टार इन्वर्टर AC में यह खपत 0.8 से 1.2 kW/घंटा तक घट जाती है। इस हिसाब से देखा जाए, रोज 8 घंटे AC चलाने से एक दिन में करीब 18 यूनिट (पैलेट) या 6.4-9.6 यूनिट (इन्वर्टर) बिजली खर्च हो सकती है। यानी पूरे महीने में यह खर्च 540-675 यूनिट (पैलेट) या 192-288 यूनिट (इन्वर्टर) तक पहुंच सकता है। बिजली की दर ₹8 प्रति यूनिट मानने पर महीने का बिल ₹4,320-₹5,400 (पैलेट) या ₹1,536-₹2,304 (इन्वर्टर) आ सकता है।
बिल आधा करने के 6 स्मार्ट उपाय
- पंखा साथ चलाएं: AC + धीमे गति वाला सीलिंग फैन से ठंडक जल्दी फैलती है, तापमान 1-2°C और बढ़ाया जा सकता है; इससे 10-15% बचत।
- फ़िल्टर साफ़ रखें: हर 15 दिनों में फ़िल्टर साफ़ करें. गंदा फ़िल्टर एयरफ्लो रोकता है और खपत 15-30% बढ़ाता है; साफ़ फ़िल्टर से 5-15% बचत।
- स्लीप मोड/टाइमर: रात में स्लीप मोड या 7-8 घंटे का टाइमर लगाएं; तापमान धीरे-धीरे बढ़ता है और 10-20% बचत.।
- सूर्य रोकीं: गाढ़े परदे या हीट-प्रूफिंग फ़िल्म से सीधी धूप रोकें; कमरे का तापमान 2-3°C कम रहता है।
- ऑटो मोड का उपयोग: AC को ऑटो मोड पर रखें ताकि वह बाहरी तापमान के अनुसार कंप्रेसर की स्पीड नियंत्रित करे।
- सालाना डीप सर्विस: कॉइल क्लीनिंग, गैस चेक, बाहरी यूनिट साफ़ी और इलेक्ट्रिकल चेक से 15-30% बचत।
इस गर्मी में अगर AC का इस्तेमाल समझदारी से किया जाए- तापमान 24-26°C रखें, 6-8 घंटे से ज्यादा nicht चलाएं, पंखा साथ चलाएं और फ़िल्टर साफ़ रखें- तो आप न सिर्फ बिजली का बिल 30-50% तक कम कर सकते हैं, बल्कि इससे सेहत को होने वाले नुकसान से भी बच सकते हैं. याद रखें, 24°C ही आपकी बचत का “स्वीट स्पॉट” है।









