Tags

भारत में सिर्फ एक नहीं, कई ‘जयपुर’! राजस्थान के अलावा कहाँ स्थित है दूसरा जयपुर? जानें यहाँ

क्या आप जानते हैं, भारत में सिर्फ राजस्थान का एक जयपुर नहीं? ओडिशा के पहाड़ों में छिपा दूसरा जयपुर रहस्यमयी आदिवासी संस्कृति और झरनों का खजाना रखे इंतजार कर रहा है। आखिर इसकी कहानी क्या है?

By Manju Negi

जयपुर नाम सुनते ही राजस्थान का भव्य शहर याद आता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक और जयपुर भी मौजूद है? यह ओडिशा के कोरापुट जिले में पूर्वी घाट की पहाड़ियों के बीच बसा एक प्राचीन स्थल है। दोनों जगहें नाम के अलावा अपनी अलग पहचान रखती हैं, जो देश की सांस्कृतिक विविधता को उजागर करती हैं।

भारत में सिर्फ एक नहीं, कई 'जयपुर'! राजस्थान के अलावा कहाँ स्थित है दूसरा जयपुर? जानें यहाँ

राजस्थान का जयपुर

1727 में महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा बसाया गया यह शहर अपनी गुलाबी इमारतों के लिए पिंक सिटी कहलाता है। यहां हवा महल की हवा खिड़कियां, जंतर मंतर के खगोलीय यंत्र और आमेर किले की भव्यता पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। राजपूत वास्तुकला, रंग-बिरंगे बाजार और हस्तशिल्प इसे पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाते हैं। हर साल लाखों यात्री यहां आकर इतिहास को करीब से महसूस करते हैं। यह शहर आधुनिकता और परंपरा का अनूठा मेल है।

ओडिशा का जयपुर

ओडिशा का जयपुर, जिसे जेयपुर या जेरपोरे भी कहा जाता है, 17वीं शताब्दी का एक ऐतिहासिक रियासत क्षेत्र है। ब्रिटिश काल में यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र रहा। यहां भुइयां, परजा और लंबाड़ा जैसी 60 से अधिक जनजातियां रहती हैं। उनके जीवंत नृत्य, हस्तशिल्प और पारंपरिक त्योहार जैसे रथ यात्रा व बालू देवता मेला इसकी आत्मा हैं। यह जगह आदिवासी जीवनशैली का जीवंत चित्रण पेश करती है। प्रकृति प्रेमियों के लिए दूधसागर झरना, रानी गुम्फा की गुफाएं और कॉफी बागान विशेष आकर्षण हैं।

यह भी पढ़ें- समोसा भारतीय है या विदेशी? 10वीं सदी से शुरू हुआ स्वाद का सफर; जानें इस चटपटे स्नैक का असली सच

इनकी समानता और भिन्नता

दोनों जयपुर ऐतिहासिक महत्व रखते हैं, लेकिन राजस्थान वाला शाही भव्यता का प्रतीक है तो ओडिशा वाला प्रकृति और आदिवासी संस्कृति का। संभवतः राजपूत प्रभाव या स्थानीय शासकों के नाम से यह नाम पड़ा। ओडिशा सरकार अब इसे ट्राइबल हेरिटेज सर्किट के तहत बढ़ावा दे रही है, जिससे पर्यटन में नई जान फूलेगी। असम में भी जॉयपुर जैसा स्थान है, लेकिन ओडिशा वाला सबसे चर्चित है।

पर्यटन का नया अवसर

राजस्थान का जयपुर पहले से ही विश्व मानचित्र पर है, लेकिन ओडिशा का जयपुर अभी अनछुआ खजाना है। इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक यात्रा के शौकीनों के लिए यह आदर्श गंतव्य बन सकता है। अगर आपका सफर सिर्फ पिंक सिटी तक सीमित है, तो पूर्वी घाट की ओर बढ़ें। वहां प्रकृति, इतिहास और संस्कृति का संगम आपको नया अनुभव देगा। भारत की यह दोहरी जयपुर पहचान देश की विविधता की मिसाल है।

Author
Manju Negi
अमर उजाला में इंटर्नशिप करने के बाद मंजु GyanOk में न्यूज टीम को लीड कर रही है. मूल रूप से उत्तराखंड से हैं और GyanOk नेशनल और राज्यों से संबंधित न्यूज को बारीकी से पाठकों तक अपनी टीम के माध्यम से पहुंचा रही हैं.

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें