
दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेविगेशन ऐप Google Maps में अब क्रांतिकारी बदलाव आ गया है। Google ने Gemini AI से संचालित ‘Ask Maps’ फीचर लॉन्च कर दिया है, जो भारत समेत अमेरिका में धीरे-धीरे रोलआउट हो रहा है। CEO सुंदर पिचाई ने 11 मार्च को इसकी घोषणा की। अब यूजर्स सिर्फ रास्ता नहीं ढूंढेंगे, बल्कि ऐप से सामान्य बातचीत की तरह कोई भी सवाल पूछ सकेंगे। पुरानी कीवर्ड सर्च की जगह अब नैचुरल लैंग्वेज क्वेरी काम करेगी।
यह फीचर Google Maps को महज नेविगेशन टूल से बदलकर पर्सनल प्लानिंग असिस्टेंट बना देता है। 300 मिलियन से ज्यादा जगहों और 500 मिलियन यूजर्स के रिव्यूज, फोटोज पर आधारित जवाब तुरंत मिलेंगे। Android और iOS पर अंग्रेजी में उपलब्ध, हिंदी सपोर्ट जल्द।
कैसे काम करता है Ask Maps?
मान लीजिए आप दिल्ली के कनॉट प्लेस जा रहे हैं। पुराने तरीके से आपको जगह टाइप करनी पड़ती, रिजल्ट्स स्क्रॉल करने पड़ते। लेकिन Ask Maps से पूछें: “कार से जाना तेज रहेगा या मेट्रो? रास्ते में अच्छी कॉफी शॉप कहां?” AI रीयल-टाइम ट्रैफिक चेक कर विकल्प तुलना करेगा, कैफे सुझाएगा। वॉइस या टेक्स्ट से सवाल पूछें- जैसे “पास में वीगन फूड?”, “पब्लिक वॉशरूम?”, “मोबाइल चार्जिंग स्टेशन?”।
Google Maps होमपेज पर ‘Ask Maps’ चिप टैप करें। बॉटम शीट खुलेगी, सुझाव कारोसेल दिखेगा। जटिल सवाल जैसे “दोस्तों के साथ शाकाहारी रेस्टोरेंट जहां लाइव स्पोर्ट्स चले” पर भी पर्सनलाइज्ड सिफारिशें। आपकी पिछली सर्च, सेव्ड जगहों से मैचिंग रिजल्ट्स।
भारत के लिए खास फायदे
भारत जैसे ट्रैफिक-भरे देश में यह गेम-चेंजर है। कन्फ्यूजन रोड्स पर गलत रास्ते की समस्या कम होगी। दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में ट्रायल शानदार। Lalitha Ramani, Google Maps India GM ने कहा, “Gemini से लोकल एक्सप्लोरेशन बातचीत बन गया।” दोस्तों से मिलने, वीकेंड प्लानिंग, ट्रिप आइडिया- सब आसान।
पहले Q&A मैनुअल रिव्यूज पर निर्भर था, अब AI इंस्टेंट समरी देता। बिजनेस प्रोफाइल पर FAQ की जगह लेगा। मार्केटर्स के लिए भी बूस्ट-पर्सनलाइज्ड लोकल सर्च बढ़ेगा।
इस्तेमाल का आसान तरीका
- Google Maps अपडेट करें।
- होमस्क्रीन पर ‘Ask Maps’ चिप ढूंढें।
- टाइप/बोलें: “वीकेंड पर क्या करें?”
- जवाब में सेव, बुक, नेविगेट बटन।
डेस्कटॉप वर्जन जल्द।
10 सालों का सबसे बड़ा अपग्रेड। Immersive Navigation के साथ 3D व्यू, जाम अलर्ट। पर्यावरण-अनुकूल रूट्स, ग्रुप प्लानिंग बढ़ेगा। लेकिन प्राइवेसी चिंता बनी रहेगी- AI डेटा यूज पर नजर। Google का वादा: सिक्योर और ट्रांसपेरेंट।









