
सरकारी नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए नदियों और बांधों से जुड़े सवाल बेहद अहम होते हैं। अक्सर परीक्षाओं में पूछा जाता है कि दुनिया का सबसे बड़ा बांध कौन सा है और वह किस नदी पर स्थित है। आज हम ‘थ्री गोर्जेस डैम’ (Three Gorges Dam) के बारे में जानेंगे, जो अपनी विशालता और बिजली उत्पादन क्षमता के कारण पूरी दुनिया में मशहूर है। यह जानकारी न केवल आपके ज्ञान को बढ़ाएगी, बल्कि आगामी परीक्षाओं में भी मददगार साबित होगी।
विश्व का सबसे बड़ा बांध
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भूगोल के सवाल बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, जिनमें नदियों और बांधों से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। आज हम बात कर रहे हैं दुनिया के सबसे विशालकाय बांध के बारे में, जो अपनी अद्भुत इंजीनियरिंग के लिए मशहूर है। इस बांध का नाम ‘थ्री गोर्जेस डैम’ (Three Gorges Dam) है। यह न केवल दुनिया का सबसे बड़ा बिजली घर है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, SSC, Bank) में बार-बार पूछा जाने वाला एक पसंदीदा टॉपिक भी है।
दुनिया का सबसे बड़ा जलविद्युत स्टेशन और इंजीनियरिंग का चमत्कार
विश्व का सबसे विशाल बांध ‘थ्री गोरजेस बांध’ (Three Gorges Dam) है, जिसका निर्माण कार्य 1994 में शुरू होकर 2006 में पूरा हुआ था। यह दुनिया का सबसे बड़ा जलविद्युत (Hydroelectric) स्टेशन है, जिसने 2012 तक अपनी पूर्ण उत्पादन क्षमता हासिल कर ली थी। बिजली पैदा करने के साथ-साथ यह बांध विनाशकारी बाढ़ को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यांग्त्ज़ी नदी पर बना दुनिया का सबसे बड़ा बांध
चीन के हुबेई प्रांत में स्थित थ्री गॉर्जेस बांध (Three Gorges Dam) दुनिया की तीसरी सबसे लंबी नदी, यांग्त्ज़ी (Yangtze) पर बना है। यह विशालकाय बांध न केवल इंजीनियरिंग का चमत्कार है, बल्कि बिजली उत्पादन के मामले में भी बेजोड़ है। यह हर साल इतनी बिजली पैदा करता है कि उससे 50 मिलियन (5 करोड़) से अधिक घरों की ऊर्जा ज़रूरतें पूरी की जा सकती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर इस बांध की नदी और स्थान से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।
2.3 किलोमीटर लंबा इंजीनियरिंग का अजूबा
थ्री गॉर्जेस बांध अपनी लंबाई और ऊंचाई के कारण दुनिया का सबसे विशालकाय ढांचा माना जाता है। इस बांध की कुल लंबाई लगभग 2.3 किलोमीटर (7,660 फीट) है, जो इसे अंतरिक्ष से भी दिखाई देने योग्य बनाती है। वहीं, इसकी ऊंचाई 185 मीटर (607 फीट) है। इस विशाल निर्माण ने न केवल इंजीनियरिंग के नए मानक स्थापित किए हैं, बल्कि यांग्त्ज़ी नदी के जलस्तर को नियंत्रित कर एक विशाल जलाशय का निर्माण भी किया है।









