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किचन में खत्म हो गई गैस? सिलेंडर की किल्लत में इन 4 तरीकों से पकाएं खाना, नहीं रुकेगा काम

मिडिल ईस्ट टेंशन से भारत में LPG संकट गहराया: गैस सिलेंडर खत्म? इंडक्शन स्टोव, इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर, सोलर स्टोव और एयर फ्रायर से न रुके रसोई का काम। ये बिजली या सूर्य से चलने वाले विकल्प तेज, सुरक्षित और किफायती हैं। संकट में अपनाएं, ऊर्जा बचाएं।

By Pinki Negi

किचन में खत्म हो गई गैस? सिलेंडर की किल्लत में इन 4 तरीकों से पकाएं खाना, नहीं रुकेगा काम

मिडिल ईस्ट में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। ईरान-इजरायल संघर्ष और तेल उत्पादन में बाधा से दुनिया भर में फ्यूल की कमी हो रही है। भारत में इससे LPG गैस सिलेंडर की भारी किल्लत नजर आ रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, आयातित गैस की सप्लाई 30% तक घटी है, जिससे लाखों घरों में रसोई का चूल्हा ठंडा पड़ा है। इस संकट की घड़ी में यदि आपका सिलेंडर खत्म हो गया है, तो चिंता न करें।

इंडक्शन स्टोव, इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर, सोलर स्टोव और एयर फ्रायर जैसे व्यावहारिक विकल्पों से खाना बनाना आसान है। ये न केवल इमरजेंसी में सहारा हैं, बल्कि लंबे समय के लिए ऊर्जा बचत के हथियार भी साबित हो सकते हैं।

इंडक्शन स्टोव

LPG संकट में इंडक्शन स्टोव सबसे विश्वसनीय साथी बन रहा है। यह बिजली से चलता है और गैस से 50% तेज खाना पकाता है। दिल्ली-एनसीआर में बाजारों में 1500-3000 रुपये में उपलब्ध ये डिवाइस चाय, रोटी, सब्जी सब कुछ बना लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इंडक्शन मैग्नेटिक इंडक्शन तकनीक से सीधे बर्तन को गर्म करता है, जिससे ऊर्जा की बर्बादी शून्य होती है।

यदि आपके घर में पहले से है, तो तुरंत स्विच करें। नया खरीदने वालों के लिए प्रीतम नामक दिल्लीवासी ने बताया, “गैस खत्म होने पर इंडक्शन ने दो दिनों तक परिवार का पेट भरा। बिजली बिल भी महज 20-30 रुपये बढ़ा।” सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर, क्योंकि कोई खुली आंच नहीं। बाजार में हावेल्स, प्रेस्टीज जैसे ब्रांड्स 800 वॉट मॉडल दे रहे हैं, जो 1 यूनिट बिजली में 2 घंटे चलते हैं।

इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर

इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर आधुनिक रसोई का नया हीरो है। इसमें चावल-दाल, बिरयानी या दाल मखनी मिनटों में बन जाती है। 5 लीटर मॉडल 2000-4000 रुपये में मिल जाते हैं। यह कुकर प्रेशर लॉकिंग सिस्टम से 70% तेज पकाता है, जो गैस कुकर से कहीं बेहतर। ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, 1000 वॉट का कुकर 30 मिनट में पूरा भोजन तैयार कर 0.5 यूनिट बिजली लेता है।

दिल्ली की होममेकर रीता शर्मा कहती हैं, “सिलेंडर किल्लत में इसने जान बचाई। स्टीम फंक्शन से सब्जियां भी पौष्टिक रहती हैं।” मल्टी-फंक्शन मॉडल्स में ग्रिलिंग और स्टीमिंग ऑप्शन भी हैं। बिजली की उपलब्धता जरूरी है, लेकिन बैटरी बैकअप वाले UPS से इमरजेंसी कवर हो जाता है।

सोलर स्टोव

धूपप्रधान भारत के लिए सोलर स्टोव इको-फ्रेंडली विकल्प है। यह सूर्य की किरणों से खाना पकाता है, बिना किसी ईंधन के। 2000-5000 रुपये में पेराबोलिक डिजाइन वाले स्टोव उपलब्ध हैं, जो 2 घंटे धूप में चावल-रोटी बना लेते हैं। IIT दिल्ली के रिसर्च के अनुसार, सोलर कुकर 150-200 डिग्री तापमान देते हैं, जो उबालने-भूनने के लिए पर्याप्त। ग्रामीण इलाकों में लोकप्रिय, दिल्ली जैसे शहरों में भी छतों पर इस्तेमाल बढ़ रहा। हालांकि बादल छंटने पर सीमित, लेकिन लंबे समय के LPG संकट में आदर्श। सरकार की सोलर सब्सिडी स्कीम से 30% छूट मिल रही है।

एयर फ्रायर

एयर फ्रायर हॉट एयर सर्कुलेशन से बिना तेल के फ्रेंच फ्राइज, समोसा या चिकन बना देता है। 3000-6000 रुपये के रेंज में फिलिप्स, इंगो जैसे ब्रांड्स उपलब्ध। 30-40% कम बिजली खपत के साथ 15 मिनट में स्नैक्स तैयार। न्यूट्रीशनिस्टों का मानना है कि यह हेल्दी कुकिंग को बढ़ावा देता है। गैस किल्लत में दिल्ली के फ्लैट्स में तेजी से बिक्री हो रही।

इस संकट ने ऊर्जा विविधीकरण की जरूरत उजागर की है। पेट्रोलियम मंत्री ने ऐलान किया कि अप्रैल तक सप्लाई नॉर्मलाइज हो जाएगी, लेकिन तब तक ये विकल्प अपनाएं। घर में बैकअप रखें, बिजली बचत करें। क्या आपके इलाके में भी किल्लत है? कमेंट्स में बताएं। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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